परेशानियों के मक्कड़जाल में कैसे फंसा है धनबाद, बैंकमोड़ चैम्बर अध्यक्ष ने गिनाई समस्याएं

    परेशानियों के मक्कड़जाल में कैसे फंसा है धनबाद, बैंकमोड़ चैम्बर अध्यक्ष ने गिनाई समस्याएं

    धनबाद (DHANBAD): जानकारी मिली है कि धनबाद नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है. बिजली की समस्या तो सभी झेल ही रहे है. शुक्रवार को पूरे प्रदेश में भाजपा ने बिजली की अव्यवस्था के खिलाफ हल्ला बोला. अभी कुछ दिन पहले ही धनबाद में हजारों उपभोक्ताओं की लाइन एक साथ काट दी गई थी. उपभोक्ता भागे-भागे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचे. उन लोगों ने अधिकारियों से बात की. फिर शिविर लगाकर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास शुरू किया गया. 

    बैंक मोड़ चेंबर के अध्यक्ष प्रमोद गोयल ने कैसे कसा तंज 

    इन सब के बीच धनबाद बैंक मोड़ चेंबर के अध्यक्ष प्रमोद गोयल ने पूरी व्यवस्था पर तंज कसा है. सारे विभागों को सवालों के घेरे में खड़ा किया है. उन्होंने कहा है कि बिजली विभाग के पास कर्मी नहीं हैं, नगर_निगम के पास पैसा नहीं है,पुलिस के पास फोर्स नहीं है,PWD के पास विजन और रोड मैप नहीं है, FSSAI के पास जागरूकता, जानकारी और स्थानीय लैब तक नहीं है, PHD के पास बहते पानी को रोकने के इंतजाम नहीं है, सरकारी विभाग के पास फंड नहीं है, ड्रग इंस्पेक्टर के पास कोई व्यावहारिक मैप नहीं है. ताज्जुब है किसी के पास कुछ नहीं है, लेकिन जुर्माना लगाने के लिए, लाइन काटने के लिए, मनमानी होल्डिंग टैक्स, रैन हार्वेस्टिंग के नाम पर, अनैतिक वसूली के लिए सब कुछ कैसे आ जाता है?

    अतिक्रमण के पहले ही क्यों नहीं रोका जाता

    अतिक्रमण जब किया जाता है, तब सारा प्रशासन सोया दिखता है फिर हर छह महीने, साल दर साल हटाने में लाखों का खर्च करने का क्या औचित्य है?क्या इस अव्यवस्था पर कोई जवाबदेही दर्ज नहीं हो सकती?क्या सरकार और सरकारी विभाग सिर्फ_वसूली_और_जुर्माने के लिए  ही है?जनता की तकलीफ, समस्या ,परेशानी से इनका कोई सरोकार नहीं है?क्या सिर्फ जनता ही दंड के  भागी है?संबंधित अफसर,_कर्मचारी_और_विभाग पर कोई दंड की जरूरत नहीं?वो सिर्फ जनता के दोहन और भयादोहन के लिए ही नियुक्त है?जब तक माननीयों_पर_जवाबदेही_तय नहीं होती,तब तक जनता_को_भी_दंडित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए ,लोकतंत्र में जनता_और_हाकिम दोनों पर ही समान दंड का प्रावधान होना चाहिए,ऐसा लगता है कि सरकार टैक्स से नहीं बल्कि जुर्माने _और_भयादोहन से ही चल रही है.   



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