फिर ताजा हुई पशुपालन घोटाले की याद, चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी पर बवाल

    फिर ताजा हुई पशुपालन घोटाले की याद, चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी पर बवाल

    चाईबासा(CHAIBASA):चाईबासा कोषागार से लाखों रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद राज्य में हड़कंप मच गया है. इस घटना ने एक बार फिर चर्चित पशुपालन घोटाले की याद ताज़ा कर दी है, जिसकी शुरुआत भी इसी कोषागार से हुई थी.सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे है.मिलीभगत की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है.विशेष रूप से पुलिस प्रशासन के अधीन कार्यरत लेखा पदाधिकारी और रोकड़पाल की भूमिका को संदेहास्पद माना जा रहा है.

    गड़बड़ी का खुलासा 

    बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा कोषागारों की जांच शुरू किए जाने के बाद इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ है. जांच का दायरा बढ़ने के साथ-साथ अवैध निकासी के नए मामले भी सामने आ रहे है.राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से ही दबाव में है. कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और विकास योजनाएं प्रभावित हो रही है.ऐसे में इस तरह की अनियमितताओं ने आम जनता के बीच चिंता और आक्रोश दोनों को बढ़ा दिया है.

    कोषागार पदाधिकारी विफल क्यों 

    जनता यह सवाल उठा रही है कि कोषागार पदाधिकारी इस अवैध निकासी को कैसे नहीं पकड़ सके या फिर इसे रोकने में विफल क्यों रहे. माना जा रहा है कि बिना अधिकारियों की संलिप्तता के इतनी बड़ी गड़बड़ी संभव नहीं है साथ ही, राज्य भर के कोषागार पदाधिकारियों की भूमिका की व्यापक जांच और आय से अधिक संपत्ति की पड़ताल की मांग भी तेज हो गई है. अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिजनों की संपत्ति की भी जांच की बात सामने आ रही है.

    रिपोर्ट-संतोष वर्मा



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