आईएएस विनय चौबे पर मुकदमे की तैयारी में ACB, विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

    ACB preparing to prosecute IAS Vinay Chaubey; Vinay Singh gets major relief from Supreme Court |आईएएस विनय चौबे पर मुकदमे की तैयारी में ACB, विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

    रांची (RANCHI): हजारीबाग में कथित तौर पर खास महल जमीन की अवैध बंदोबस्ती से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है. एसीबी ने राज्य सरकार से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी है. जिस अवधि में जमीन आवंटन में अनियमितताओं के आरोप लगे, उस समय विनय चौबे हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) के पद पर तैनात थे. फिलहाल वे इसी प्रकरण में न्यायिक हिरासत में हैं और गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था.

    सूत्रों के अनुसार, एसीबी ने विनय चौबे के खिलाफ कुल चार अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. इनमें आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला भी शामिल है. जांच एजेंसी को संदेह है कि पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की. इसके अतिरिक्त शराब घोटाले और सेवायत भूमि की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में भी उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. इन सभी मामलों की जांच समानांतर रूप से जारी है.

    खास महाल जमीन प्रकरण में आरोप है कि सरकारी भूमि के स्वरूप में बदलाव कर उसे निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई. जांच में यह भी सामने आया है कि भूमि की प्रकृति बदलने और बंदोबस्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई. एसीबी का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हुईं. इसके अलावा, हजारीबाग में डीसी रहते हुए कथित वन भूमि से जुड़े घोटाले में भी उनकी भूमिका की जांच की जा रही है.

    एसीबी ने सरकार से अभियोजन की अनुमति मांगकर संकेत दिया है कि जांच एजेंसी के पास पर्याप्त प्रारंभिक साक्ष्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर अदालत में मुकदमा चलाया जा सकता है. अब अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाएगा. यदि अनुमति मिलती है, तो उनके खिलाफ विधिवत चार्जशीट दायर की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

    इसी बीच, संबंधित प्रकरण में जुड़े एक अन्य पक्ष विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने उन्हें अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है, जिससे उन्हें तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिली है. हालांकि, अदालत ने जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया है. इस घटनाक्रम के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है.

    पूरे प्रकरण पर राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है. एसीबी की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, विनय चौबे की ओर से अब तक इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. आने वाले दिनों में अभियोजन स्वीकृति और न्यायिक प्रक्रिया के अगले कदम इस मामले की दिशा तय करेंगे.


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