गढ़वा (GARHWA): गढ़वा, गुमला और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में इन दिनों हाथियों का आतंक काफी बढ़ गया है. हालात यह है कि लोग रात भर चैन की नींद नहीं सो पा रहे है. अपने खेत, घर और जान की रखवाली के लिए उन्हें रात भर जागना पड़ रहा है. हाथियों का झुंड देर रात गांव में घुसकर घरों में तोड़-फोड़ करता है, खेतों में लगी फसल और घर में रखा अनाज भी खा जाता है. इनके रास्ते में आने वाले लोगों को ये घायल कर देते है, कई बार जान का भी खतरा बन जाता है.
अब हिटवेब कर रहा है परेशान
गढ़वा जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां हाथियों के आतंक से 17 परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया है. बाहर रहने की वजह से अब बच्चों की तबीयत खराब हो रही है. ग्रामीण बताते हैं कि जंगल में हाथियों ने घर उजाड़ दिया और बाहर शरण लेने के बाद हीट वेव ने बच्चों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. “अब जाएं तो जाएं कहां,” यह कहते हुए एक ग्रामीण की आंखों से आंसू बहने लगे. यह वाकया मेराल वन क्षेत्र के बहेरवा गांव का है. पिछले दो वर्षों से हाथियों के आतंक के कारण 17 परिवारों ने सब कुछ छोड़कर दूसरी जगह शरण ले ली है.
झोपड़ियों में रह रहे बच्चे बीमार पड़ रहे है
हाथियों के डर से सभी ग्रामीण मेराल प्रखंड के गेरूवासोती गांव के पास चट्टान के किनारे शरण लिए हुए है. सभी17 परिवार झोपड़ीनुमा घर बनाकर रह रहे है इधर गढ़वा का तापमान लगातार 40 डिग्री पार कर रहा है, जिससे हीट वेव सुबह 10 बजे से ही शुरू हो जाती है. झोपड़ियों में रह रहे बच्चे बीमार पड़ रहे है. इस मुद्दे पर गढ़वा के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है. जल्द ही मेडिकल टीम भेजी जाएगी और जो भी परेशानी होगी, उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा.


