टीएनपी डेस्क (TNP DESK): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुरूप एक और अहम पहल करते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नया पैरेंटिंग कैलेंडर जारी किया है. इससे पहले 2025-26 सत्र में शुरू किए गए इस प्रयोग को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी, जिसमें स्कूलों, शिक्षकों, काउंसलर्स और अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था.
इस बार के पैरेंटिंग कैलेंडर में कई नए पहलुओं को शामिल किया गया है. खासतौर पर अभिभावकों और स्कूल के बीच नियमित संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी गई है. अब यह पहल केवल परीक्षा या रिजल्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे साल बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और जरूरतों पर चर्चा की जाएगी.
Join us live for the launch of the CBSE Parenting Calendar for the Academic Session 2026–27.
— CBSE HQ (@cbseindia29) April 29, 2026
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नए कैलेंडर की एक खास बात यह है कि इसमें “टीचर-लेड एक्टिविटी” जोड़ी गई हैं. इसके तहत शिक्षक सीधे तौर पर अभिभावकों से संवाद कर बच्चों की चुनौतियों, क्षमताओं और जरूरतों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. इससे अभिभावक बच्चों की शिक्षा में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे.
इस पहल में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भी विशेष महत्व दिया गया है. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पढ़ाई में ठीक प्रदर्शन करने वाले बच्चे भी अंदरूनी तनाव या दबाव से जूझते रहते हैं, लेकिन अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते. ऐसे में यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चे की स्थिति को समझें, तो समय रहते समस्या का समाधान संभव है और बच्चे का आत्मविश्वास भी मजबूत होता है.
CBSE ने यह भी रेखांकित किया है कि हर बच्चा अलग होता है, किसी की सीखने की गति तेज होती है, तो किसी को अधिक समय की जरूरत होती है. इसी विविधता को ध्यान में रखते हुए इस कैलेंडर में सहयोगात्मक माहौल बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि हर बच्चे को उसके अनुसार मार्गदर्शन और समर्थन मिल सके. यह नया पैरेंटिंग कैलेंडर शिक्षा के पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

