पेट्रोल-डीजल: 28 मई सामान्य रहा पेट्रोल-डीजल का दाम!जाने अपने शहर का रेट

    पेट्रोल-डीजल: 28 मई सामान्य रहा पेट्रोल-डीजल का दाम!जाने अपने शहर का  रेट

    TNP DESK: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के आम लोगों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण देशभर में पेट्रोल और डीजल महंगे हो रहे हैं. इसका सीधा असर रोजमर्रा के खर्च, यात्रा बजट और सामानों की ढुलाई पर पड़ रहा है. खासकर मध्यम वर्ग और रोजाना वाहन से सफर करने वाले लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं.

    ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 2.16 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.17 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है. इसका असर झारखंड की राजधानी Ranchi समेत कई शहरों में साफ देखा जा रहा है. नए रेट के मुताबिक रांची में पेट्रोल 105.93 रुपये प्रति लीटर और डीजल 103.01 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है.

    वहीं Patna में पेट्रोल की कीमत 113.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 110.47 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है. इसके अलावा Jamshedpur और Dhanbad में भी ईंधन के दाम बढ़े हैं. यहां पेट्रोल करीब 105.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 102.62 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई बड़े तेल उत्पादक देशों के बीच तनाव गहराने से अंतरराष्ट्रीय बाजार अस्थिर हो गया है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर होने वाला कोई भी बदलाव सीधे घरेलू बाजार को प्रभावित करता है. यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

    बीते दिनों भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ी तेजी देखने को मिली थी. उस समय पेट्रोल करीब 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.14 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हुआ था. अचानक कीमतें बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने के कारण झारखंड के कई हिस्सों में ईंधन संकट जैसी स्थिति बन गई थी. Ranchi समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गई थीं. कई पंपों पर तेल खत्म होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा था. हालात सामान्य होने में करीब चार दिन का समय लगा था.

    लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रह गया है. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजों, सब्जियों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है. यदि मिडिल ईस्ट में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में आम लोगों को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है.



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