बिहार की सियासत: क्या लालू प्रसाद की आंखों के सामने टूट जाएगा राजद, आखिर क्यों उठ रही है बात?

    बिहार की सियासत: क्या लालू प्रसाद की आंखों के सामने टूट जाएगा राजद, आखिर क्यों उठ रही है बात?

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में कई बातों को लेकर सियासी हलचल है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल के गठन को लेकर तो चर्चा है ही, जैसी की सूचना है आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री से मिल सकते हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका यह पहली मुलाकात होगी. इधर, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने एक बयान से हलचल पैदा कर दी है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या लालू प्रसाद की आंखों के सामने उनकी पोषित और पल्लवित पार्टी टूट जाएगी. तेज प्रताप यादव ने न केवल नीतीश कुमार के काम की सराहना की है, बल्कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली राजद के भविष्य पर भी सवाल खड़ा किया है. तेज प्रताप यादव ने कहा है कि पार्टी अब बिखरने के किनारे पर खड़ी है.  

    दावा : जब से हम अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है 

    उनका कहना था कि जब से हम पार्टी से अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है. तेज प्रताप यादव के बारे में कहा कि वह जनता से दूरी बनाकर रख रहे है. उन्होंने यह बात कह कर सनसनी पैदा कर दी कि राजद की स्थिति ऐसी है कि उसके विधायक पर दूसरे दल वाले नजर बनाकर रखे हैं. पार्टी कभी भी टूट सकती है. तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार के कार्यकाल पर कहा कि नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं. राजनीति में बहुत वरिष्ठ हैं. जब साक्षात्कार में पत्रकार ने यह बात कही कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलट फेर होते रहते हैं.  

    तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल के नाम से बनाई है पार्टी

    बता दें कि एक महिला के साथ  का फोटो सोशल मीडिया पर आने के बाद बिना किसी विलंब के लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे को पार्टी और घर से निष्कासित कर दिया था. उसके बाद तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल के नाम से एक पार्टी बनाई, यह पार्टी 2025 में बिहार से विधानसभा चुनाव भी लड़ी, लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिली. यहां कहना गलत नहीं होगा कि तेज प्रताप यादव अपने बयानों से लगातार चर्चा में रहते है. वैसे भी मकर संक्रांति पर जब तेज प्रताप यादव ने चूड़ा-दही का भोज किया था, तो उनके पिता लालू प्रसाद यादव उसमें पहुंचे थे. तेजस्वी यादव नहीं गए थे. माता राबड़ी देवी भी नहीं दिखाई दी थी. इधर, सूत्र बता रहे हैं कि तेज प्रताप यादव का परिवार में आना-जाना बढ़ा  है. वह अपने भतीजा और भतीजे  के साथ खेलते हुए कई पोस्ट भी डाले हैं. लेकिन राजनीति है, राजनीति में क्या-क्या हो सकता है, इसका सिर्फ अंदाज ही लगाया जा सकता हैं.



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