टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में मुस्लिम समुदाय की निगाहें आज शाम आसमान पर टिकी रहेंगी. इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने जिलहिज्जा का चांद रविवार, 17 मई की शाम देखा जाएगा. चांद दिखाई देने के साथ ही बकरीद यानी ईद-उल-अजहा की तारीख तय हो जाएगी. चांद नजर आने पर यह पर्व बुधवार 27 मई को मनाया जाएगा, जबकि चांद न दिखने की स्थिति में बकरीद गुरुवार 28 मई को अदा की जाएगी.
चांद देखने को लेकर मस्जिदों, मदरसों और रुएत-ए-हिलाल कमेटियों में खास तैयारी की गई है. मुस्लिम समुदाय के लोग भी अपने-अपने इलाकों में ऊंची जगहों और खुली छतों पर जाकर चांद देखने की तैयारी में जुटे हैं. धार्मिक जानकारों के अनुसार जिलहिज्जा इस्लामी साल का बेहद अहम महीना माना जाता है, क्योंकि इसी महीने हज और ईद-उल-अजहा जैसे बड़े धार्मिक अवसर आते हैं.
एदार-ए-शरिया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने बताया कि रविवार को जिल-कादह महीने की 29वीं तारीख है और मौसम की स्थिति को देखते हुए चांद नजर आने की पूरी उम्मीद है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शाम के समय चांद देखने की कोशिश करें और यदि कहीं चांद दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित धार्मिक संस्थाओं को दें.
मौलाना ने राज्यभर की मस्जिदों के इमामों, आलिमों, रुएत-ए-हिलाल कमेटियों और मस्जिद प्रबंधन समितियों से भी पूरी सतर्कता बरतने को कहा है. उन्होंने बताया कि चांद की सही जानकारी मिलने के बाद ही आधिकारिक रूप से बकरीद की तारीख घोषित की जाएगी. चांद नजर आने की सूचना देने के लिए कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. लोग 9199780992, 6202583475 और 9835553380 नंबरों पर संपर्क कर चांद दिखाई देने की जानकारी दे सकते हैं.
बकरीद का त्योहार इस्लाम धर्म में त्याग, समर्पण और आस्था का प्रतीक माना जाता है. यह पर्व हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की उस महान कुर्बानी की याद में मनाया जाता है, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने सबसे प्रिय बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया था. उनकी अटूट आस्था और समर्पण से खुश होकर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी कबूल कर ली.
इसी परंपरा को निभाते हुए मुस्लिम समुदाय ईद-उल-अजहा पर जानवर की कुर्बानी देता है. त्योहार से पहले लोग अपने बकरे की खास देखभाल करते हैं और उसे परिवार के सदस्य की तरह प्यार देते हैं. इसके बाद अल्लाह के नाम पर कुर्बानी अदा कर इंसानियत, त्याग और ईमान का संदेश दिया जाता है.

