झारखंड का ऐसा चमत्कारिक शिव मंदिर जहां नाग-नागिन करते हैं पूजा, जानें हैरान करनेवाले टूटी झरना मंदिर  का रहस्य

    झारखंड का ऐसा चमत्कारिक शिव मंदिर जहां नाग-नागिन करते हैं पूजा, जानें हैरान करनेवाले टूटी झरना मंदिर  का रहस्य

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):हमारे देश में देवी-देवताओं के कई चमत्कारिक मंदिर है. जिनका इतिहास बहुत ही अनोखा है. वहीं उनकी मान्यताएं भी बहुत ही विचित्र और हैरान करने वाली होती है. वहीं झारखंड के रामगढ़ जिले में एक ऐसा ऐतिहासिक और अनोखा मंदिर है, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है. क्योंकि इस मंदिर में कोई भक्त इंसान नहीं बल्कि नाग और नागिन है. जो शिव मंदिर में पुजारी की तरह मंदिर की देखभाल और पूजा पाठ करते हैं.

    मां गंगा की प्रतिमा की नाभि से निकलती है जलधारा

    रामगढ़ जिले में उपस्थित इस मंदिर का नाम टूटी झरना मंदिर है. जिसका रहस्य बहुत ही अनोखा है. यहां की श्रद्धा देखकर सभी भक्त खींचे हुए आते हैं, क्योंकि इससे मंदिर की विशेषता है कि यहां युगो युगो से मां गंगा भगवान शिव पर जलाभिषेक कर रही हैं. मंदिर के गर्भगृह में मां गंगा की प्रतिमा की नाभि से जलधारा निकलती है, वहीं मूर्ति के दोनों हाथों से होते हुए जलधारा नीचे शिवलिंग पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करती हैं. ये जलाभिषेक दिन के 24 घंटे 12 महीने होते रहता है. वहीं आपको बता दे कि मंदिर में शिवलिंग के ऊपर मां गंगा की प्रतिमा विराजमान है, तो चलिए इस मंदिर के बारे में हम आपको पूरा इतिहास बताते हैं.

    1925 में पहली बार अस्तित्व में आया ये मंदिर

    आपको बता दे कि इस मंदिर की स्थापना के बारे में किसी को भी सटीक जानकारी नहीं है, क्योंकि अब तक मंदिर का निर्माण किसने किया इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मंदिर 1925 में पहली बार अस्तित्व में आया. जिसके अनुसार अंग्रेज गोमो बरकाकाना रेललाइन बिछाने का काम रहे थे.गोमो रेल लाइन बिछाने का काम करे थे, उन्हें यहां मिट्टी से रखी हुई गुंबदनुमा चीज दिखाई दी थी. जिसको खुदाई करने पर यह मंदिर निकला.

    खुदाई से निकला मंदिर

    गोमो बरकाकाना रेललाइन बिछाने का काम रहे अंग्रेजों ने देखा कि यहां 18वीं सदी में एक गुंबदनुमा चीज दिखाई दिया. मजदूरों ने मिलकर इसकी खुदाई की तब धीरे-धीरे यह मंदिर का आकार लेने लगा, और एक मंदिर निकल कर सामने आया. मंदिर के अंदर घुसने के लिए 5 फीट का दरवाजा भी इसमें था. वही इस मंदिर के अंदर घुसने के लिए तीन दरवाजे हैं, जो पहले से इस मंदिर में मौजूद थे.वहीं तब से लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ गई भक्तों की माने तो हर मनोकामना यहां पूर्ण हो जाती है.

    नाग-नागिन करते हैं बाबा भोले की पूजा

    वहीं आपको बताएं कि इस मंदिर की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां शिव मंदिर में स्थित शिवलिंग की सेवा के लिए पुजारी के अलावा नाग नागिन भी है, जो इस मंदिर की पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ देखभाल करते .यहां आए भक्तों को नाग नागिन के दर्शन एक साथ हो जाते हैं. यहां नाग नागिन के दर्शन सभी को नहीं मिलता है, लेकिन कुछ भाग्यशाली भक्तों को ये दुर्लभ दर्शन होते है.


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