International

सिंधु जल समझौते को लेकर बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने भारत को दी धमकी

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
सिंधु जल समझौते को लेकर बढ़ा तनाव, पाकिस्तान ने भारत को दी धमकी

टीएनपी(TNP):  पहलगाम हमले के बाद बदले हालात

अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया. हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने कई सख्त कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था. भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा.

पानी को लेकर पाकिस्तान की चिंता

भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है. पाकिस्तान की खेती और अर्थव्यवस्था काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली के पानी पर निर्भर है. यही वजह है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है.

हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि यदि देश की जल सुरक्षा को खतरा महसूस हुआ तो पाकिस्तान हर विकल्प पर विचार कर सकता है. उन्होंने भारत पर पानी को दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया.

LOC पर बढ़ी सैन्य तैयारियां

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. सीमा के पास अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, ड्रोन रोधी सिस्टम और आधुनिक निगरानी उपकरण लगाए गए हैं. इसके अलावा पाकिस्तान ने कुछ सैन्य इकाइयों को अफगान सीमा से हटाकर एलओसी के नजदीक तैनात किया है.

चीन से मिल रही आधुनिक लड़ाकू ताकत

ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन और पाकिस्तान के रक्षा सहयोग में तेजी देखने को मिली है. चीन ने पाकिस्तान को जे-सीरीज के आधुनिक मल्टी रोल लड़ाकू विमान उपलब्ध कराए हैं. इसके अलावा पाकिस्तान को साल के अंत तक चीन का पांचवीं पीढ़ी का जे-35 स्टील्थ फाइटर जेट भी मिलने की संभावना जताई जा रही है. यह विमान आधुनिक रडार से बचने और लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखता है. इसे अमेरिकी एफ-35 के चीनी विकल्प के रूप में देखा जाता है.

तुर्किये दे रहा ड्रोन और पनडुब्बी तकनीक

तुर्किये भी पाकिस्तान के रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर उभरा है. ड्रोन सप्लाई करने के बाद तुर्किये ने कराची के पास एक संयुक्त कॉम्बैट ड्रोन असेंबली प्लांट स्थापित करने में मदद की है. यहां हर साल बड़ी संख्या में ड्रोन तैयार किए जा सकेंगे.

इसके अलावा तुर्किये पाकिस्तान के लिए आधुनिक MILGEM क्लास पनडुब्बी भी तैयार कर रहा है. माना जा रहा है कि इसकी डिलीवरी जल्द शुरू हो सकती है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य पाकिस्तान की समुद्री और हवाई रक्षा क्षमता को मजबूत करना है.

क्या है सिंधु जल संधि?

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी. विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के पानी के उपयोग को लेकर नियम तय किए गए थे. कई दशकों तक यह संधि दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण आधार बनी रही.

आगे क्या है चुनौती?

फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है. पाकिस्तान जहां जल सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहा है, वहीं भारत आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख बनाए हुए है. ऐसे में आने वाले समय में दोनों देशों के कदम पूरे क्षेत्र की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं.