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G7 में पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
G7 में पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा, बोले- नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): G7 समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर कई अहम मुद्दों को उठाया. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों का जिक्र किया और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्र के रास्ते दुनिया को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है.

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट केवल एक समुद्री मार्ग नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. यदि इस क्षेत्र में अस्थिरता पैदा होती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री व्यापार को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना सभी देशों के हित में है.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भरोसे की अहमियत पर भी विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज दुनिया पहले से कहीं ज्यादा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. तकनीक, व्यापार और वैश्विक सहयोग ने देशों को करीब लाया है, लेकिन इसके बावजूद आपसी विश्वास की कमी महसूस की जा रही है. उनके अनुसार किसी भी मजबूत साझेदारी की नींव भरोसे पर टिकी होती है और यही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से "वसुधैव कुटुंबकम" यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की सोच पर चलता आया है, विकास का असली मतलब तभी है जब उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचे. इसी सोच के साथ भारत दुनिया के विभिन्न देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है और साझा प्रगति को बढ़ावा दे रहा है.

उन्होंने ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की चुनौतियों का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि इन देशों को केवल मदद की नहीं, बल्कि बराबरी की भागीदारी की जरूरत है. दुनिया को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहां हर देश को आगे बढ़ने का अवसर मिले. उन्होंने कहा कि किसी को केवल सहायता देना काफी नहीं है, बल्कि उसे अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना ज्यादा जरूरी है.

समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी हुई. दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की. इस मुलाकात को भारत और अमेरिका के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की संभावना जताई गई.

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई, जापान, दक्षिण कोरिया, मिस्र और केन्या के नेताओं से भी मुलाकात की. इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, निवेश, तकनीक और आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई. यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति दिखाए गए सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया.

कुल मिलाकर G7 समिट के मंच से प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने एक स्पष्ट संदेश रखा. उनका कहना था कि आज के दौर में देशों को प्रतिस्पर्धा से ज्यादा सहयोग पर ध्यान देना चाहिए. भरोसा, साझेदारी और साझा विकास ही वह रास्ता है जो दुनिया को अधिक सुरक्षित और समृद्ध बना सकता है.