International

पेरू: नाज्का लाइन्स में बड़ा हादसा! टूरिस्ट प्लेन क्रैश में 13 की मौत, 11 यूरोपीय टुरिस्ट शामिल

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पेरू के नाज्का शहर के पास एक टूरिस्ट प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे में 11 यूरोपीय पर्यटकों समेत 13 लोगों की मौत हो गई. यह विमान टुरिस्ट को दुनिया की मशहूर नाज्का लाइन्स दिखाने के लिए उड़ान पर था, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही खेत में गिर गया और उसमें आग लग गई.

नाज्का लाइन्स के पास हुआ हादसा

विमान ने इका शहर से उड़ान भरी थी. इसका मकसद पर्यटकों को करीब 2,000 साल पुरानी नाज्का लाइन्स का हवाई नजारा दिखाना था. नाज्का लाइन्स के पास पहुंचने के कुछ देर बाद विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और एक खेत में जा गिरा. टक्कर के तुरंत बाद उसमें आग लग गई. हादसे के बाद मलबा दूर-दूर तक फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.

सभी यात्रियों की मौत

इस हादसे में विमान में सवार सभी 13 लोगों की जान चली गई. मृतकों में सात पर्यटक इटली, दो स्पेन और दो जर्मनी के थे. इसके अलावा विमान के पायलट और को-पायलट की भी मौत हो गई. राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका.

सरकार ने जांच के आदेश दिए

पेरू सरकार ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मौसम या किसी अन्य वजह से हुई. राष्ट्रपति ने हादसे पर दुख जताया है. साथ ही नाज्का एयरपोर्ट के संचालन की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोकने पर भी विचार किया जा रहा है.

14 साल से चला रही थी सीनिक फ्लाइट

हादसे का शिकार हुआ विमान पेरू की निजी कंपनी एरोडियाना संचालित कर रही थी. कंपनी पिछले 14 साल से सेसना ग्रैंड कारवां विमान के जरिए पर्यटकों को नाज्का लाइन्स का हवाई भ्रमण कराती आ रही है. यह सेवा देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन आकर्षणों में गिनी जाती है. हालांकि, हादसे के बाद कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

क्या हैं नाज्का लाइन्स

नाज्का लाइन्स पेरू के रेगिस्तानी इलाके में बनी विशाल आकृतियां हैं, जिन्हें दुनिया की सबसे रहस्यमयी पुरातात्विक धरोहरों में शामिल किया जाता है. माना जाता है कि इन्हें 200 ईसा पूर्व से 600 ईस्वी के बीच नाज्का सभ्यता के लोगों ने बनाया था. जमीन की ऊपरी परत हटाकर नीचे की हल्की मिट्टी को उभारकर इन आकृतियों को तैयार किया गया था.

इनमें बंदर, मकड़ी, हमिंगबर्ड, कोंडोर, व्हेल, पेड़ और हाथ जैसी कई बड़ी आकृतियां शामिल हैं. कुछ आकृतियां 100 से 300 मीटर तक लंबी हैं, जबकि कई सीधी रेखाएं कई किलोमीटर तक फैली हुई हैं.

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

नाज्का इलाके में टूरिस्ट विमानों के हादसे पहले भी हो चुके हैं. साल 2022 में एक पर्यटक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी. इससे पहले 2010 में भी इसी इलाके में एक विमान हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी.

लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों के बाद एक बार फिर नाज्का लाइन्स के ऊपर संचालित टूरिस्ट फ्लाइट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से ही साफ होगा कि इस ताजा हादसे की असली वजह क्या थी.