TNP DESK: अमेरिका में जलेपीनो मिर्च से जुड़े साल्मोनेला संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. अधिकारियों के अनुसार, देश के कई हिस्सों में इस संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. अब तक 27 राज्यों में कुल 345 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इनमें से 36 मरीजों की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. राहत की बात यह है कि अब तक इस संक्रमण से किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संक्रमण का संबंध मैक्सिको से आयात की गई जलेपीनो मिर्च से हो सकता है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, प्रभावित मिर्चों की खेप मैक्सिको के सिनालोआ क्षेत्र से अमेरिका भेजी गई थी. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन मिर्चों की आपूर्ति कोस्ट सिट्रस डिस्ट्रीब्यूटर्स नामक कंपनी के माध्यम से की गई थी. जांच के दौरान यह भी पता चला कि यही मिर्च कई बड़े रेस्तरां और फूड चेन तक पहुंची थीं. एहतियात के तौर पर संबंधित प्रतिष्ठानों ने इन मिर्चों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके.
मामले को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने प्रभावित जलेपीनो मिर्च को बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि संक्रमित खेप किन-किन राज्यों, थोक विक्रेताओं और रेस्तरां तक पहुंची थी. साथ ही सप्लाई चेन के प्रत्येक चरण की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संक्रमण किस स्तर पर फैला. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित उत्पादों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी.
साल्मोनेला एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो आमतौर पर दूषित भोजन या पेय पदार्थों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है. संक्रमण होने पर दस्त, पेट में तेज दर्द, बुखार, उल्टी, मतली और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. अधिकांश स्वस्थ लोग कुछ दिनों में बिना किसी गंभीर उपचार के ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए यह संक्रमण अधिक खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे मामलों में निर्जलीकरण और अन्य जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकती है.
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण के अधिकांश मामले 19 जून से 20 जुलाई के बीच दर्ज किए गए थे. फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि प्रभावित उत्पाद किन-किन स्थानों तक पहुंचे और कितने लोगों के संपर्क में आए. अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर संक्रमित मिर्च भेजी गई थी, वहां से उन्हें हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना वैश्विक खाद्य आपूर्ति प्रणाली में गुणवत्ता जांच और खाद्य सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता की याद दिलाती है. उनका कहना है कि खाद्य उत्पादों के आयात और वितरण के प्रत्येक चरण में सख्त निगरानी रखने से इस प्रकार के संक्रमणों को समय रहते रोका जा सकता है और लोगों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
