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अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का पलटवार, होर्मुज स्ट्रेट के पास कई जहाजों को बनाया निशाना

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टिएनपी डेस्क(TNP DESK): मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले का दावा किया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC नेवी ने फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कई जहाजों को निशाना बनाया. इनमें अमेरिकी जहाज भी शामिल बताए जा रहे हैं.

ईरान की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है. दोनों देशों की तरफ से लगातार हमले और चेतावनियां सामने आने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.

ईरान ने कई जहाजों पर हमले का किया दावा

IRGC नेवी ने फारस की खाड़ी में 10 जहाजों पर हमला किया. दावा है कि इनमें दो अमेरिकी जहाज भी शामिल थे. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट के पास भी 10 दूसरे जहाजों को निशाना बनाया गया.

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड की तरफ से ईरान के तेल टैंकरों पर कार्रवाई की गई थी. इसके बाद से ही ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी.

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला

ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर भी कई मिसाइलें दागीं. जॉर्डन के मुताबिक, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 20 में से 18 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. इस हमले के बाद जॉर्डन और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

अमेरिका ने भी बताई अपनी कार्रवाई

अमेरिका का कहना है कि ईरान ने शनिवार को उसके युद्धपोतों की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया. अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, ईरानी हमले में उसके युद्धपोतों को नुकसान नहीं पहुंचा.

वहीं, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी दोनों देशों के बीच खींचतान बढ़ गई है. ईरान चाहता है कि यहां से गुजरने वाले जहाज तेहरान की तरफ से तय रास्ते का इस्तेमाल करें. दूसरी तरफ अमेरिका ने किसी तरह के एक्सक्लूजन जोन की योजना को खारिज कर दिया है.

होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया की नजर

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल है. यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर तेल और दूसरे सामान लेकर जाने वाले कमर्शियल जहाजों पर पड़ सकता है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, कई कमर्शियल जहाजों के रास्ते बदले गए हैं.

फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों अपनी-अपनी कार्रवाई को जवाबी कदम बता रहे हैं. लगातार हो रहे हमलों के बीच सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर टकराव और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है.