टिएनपी डेस्क(TNP DESK): भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब अहम मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश एक व्यापार समझौते के काफी करीब हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौता पहले हुए व्यापारिक समझौतों से अलग होगा. ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच किन शर्तों पर सहमति बनती है और इसका भारतीय कारोबार पर क्या असर पड़ सकता है.
ट्रंप बोले- दोनों देश समझौता करना चाहते हैं
ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए. उन्होंने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और अमेरिका भी इसके लिए तैयार है. उनके मुताबिक, दोनों देश समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं. हालांकि, ट्रंप ने समझौते की शर्तों या इसके संभावित स्वरूप को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. उनके इस बयान से बातचीत में आगे बढ़ने की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
मार्को रुबियो के भारत दौरे से बढ़ी उम्मीदें
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं. उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार के साथ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और आपसी संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है. इसके अलावा, इसी महीने भारत के कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी. इन बैठकों को दोनों देशों के बीच इकनॉमिक रीलैशन को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
टैरिफ में बदलाव के बाद फिर शुरू हुई बातचीत
भारत और अमेरिका ने इसी साल फरवरी में बाइलैटरल ट्रैड अग्रीमेंट के पहले चरण के लिए रूपरेखा तैयार करने की घोषणा की थी. लेकिन अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में बदलाव के बाद बातचीत को नए सिरे से आगे बढ़ाना पड़ा. ऐसे में समझौते की शर्तें दोनों देशों के लिए जरूरी होंगी. इससे भारतीय एक्सपोटर्स, कारोबारियों और अमेरिकी बाजार में व्यापार करने वाली कंपनियों पर असर पड़ सकता है.