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नेपाल में फिर बाढ़ का कहर, अलर्ट मोड में सरकार और प्रशासन

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): नेपाल अभी एक आपदा से निकला नही था कि दूसरी आपदा ने उसे घेर लिया है, नेपाल के बुढ़ी गंडक नदी में अचानक आए मलबे से लदे तेज सैलाब ने भारी तबाही मचाई है, अभी तक बाढ़ की चपेट मे आने से 35 से अधिक घर और पल बह गए है साथ ही 10 से जादा लोग लापता है.

रविवार सुबह करीब 4 बजे गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई. चुमलिंग और लोकपा और स्थानीय लोग जान बचा के मुश्किल से निकले.

बाढ़ मे बह गए 6 पुल

अभी तक कि जानकारी के अनुसार, बाढ़ के तेज बहाव में कुल 6 पुल बह गए हैं, जिनमें 2 मोटर योग्य पुल और 4 सस्पेंशन (झूला) पुल शामिल हैं, साथ ही अरुघाट, त्रिपुरसुंदरी, और सोती-मानबु के पुलों के अलावा धारचे ग्रामीण पालिका का एक बेली ब्रिज भी टूट गया है.

नेपाली पीएम ने दिए आदेश

फिलहाल नेपाल के हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने नेपाली सेना के दलों को हवाई और जमीनी मार्ग से राहत- बचाव कार्य के लिए तैनात कर दिया है और काठमांडू से एक संयुक्त रैपिड रिस्पांस टीम को भी एयरलिफ्ट किया गया है.

कौन कौन से जगह हुआ नुकसान

नेपाल मे बाढ़ के कारण बुढ़ी गंडक नदी के उफान से सालेरी, पैयुका और जगत के नदी किनारे वाले इलाकों में बने दर्जनों मकान पानी में बह गए, इसके अलावा वार्ड को जोड़ने वाला एक झूला पुल और न्याकचेत तथा फिलिम बाजार को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है. इस अचानक आए बाढ़ से अभी तक की जगह काफी नुकसान हुआ है और फिलहाल राहत-बचाव कार्य जारी है.

प्रशासन और सरकार की कार्रवाई

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रभावित इलाकों में बचाव कार्यों, राहत सामग्री बांटने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों को तैनात कर दिया गया है. वहीं नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटे हुए हैं. इसके अलावा लगातार रूप से अधिकारियों द्वारा लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणा कर नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.