टीएनपी डेस्क(TNP DESK): मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी जारी है और इसी बीच Strait of Hormuz से भारत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. शुक्रवार को Hormuz में एक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जहाज में 5 भारतीय भी सवार थे. ओमान के भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि पांचों भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है.
कब और कैसे हुई घटना
ये भारतीय नाविक कुवैत के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर सवार थे, जिसका नाम MT काजिमाह III था. कच्चे तेल से भरा टैंकर अफ्रीका जा रहा था. हालांकि, अब तक ये बात पता नहीं चल पाई है कि जहाज पर हमला किसने किया.
आंकड़ों की मानें तो अभी तक Strait of Hormuz में 100 से ज्यादा जहाजों में भारतीय प्रभावित हुए हैं और 11 से ज्यादा भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है.
कितने नाविक हैं सवार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फिलहाल कमर्शियल जहाज में 4500 से ज्यादा भारतीय सवार हैं और काम कर रहे हैं.
रणधीर के मुताबिक, 6 भारतीय झंडे वाले जहाज हैं और 6 विदेशी झंडे वाले जहाज हैं, जिनमें कुल 163 भारतीय नाविक शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र में जयशंकर का बयान
26 सितंबर को एस. जयशंकर ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वीं बैठक में कमर्शियल जहाजों पर चिंता जताई और बड़े सवाल भी खड़े किए. जयशंकर ने कहा कि,
“समुद्र में नए खतरे पहले से मौजूद जमीन से जुड़े संकटों को और बढ़ा रहे हैं. भारतीय नाविकों के साथ दूसरे देशों के नाविकों की भी जान गई है. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है.”
ट्रंप ने ठुकराया शांति प्रस्ताव
वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने भी ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकरा दिया है और व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका कभी झुकने वाला नहीं है और लड़ाई के लिए तैयार है.
अब देखना ये रहेगा कि ये मामला कहां जाकर थमता है और दुनिया पर कितना असर डालता है.