टीएनपी डेस्क(TNP DESK): 21 जून यानि आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है. यह दिन भारत के लिए बेहद खास है. भारत से शुरू हो कर योग 177 देश के लोगों का हिस्सा बन गया.योग दिवस पर भारत में त्योहार जैसा माहौल है. हर तरह विशेष आयोजन कर सामूहिक योगाभ्यास किया गया.प्रधानमंत्री से लेकर एक आम नागरिक ने इस दिन को विशेष योग किया. जिसने दुनिया को दिखाया की कैसे भारत आज एक रंग में रंगा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग दिवस पर कोलकाता पहुंच कर योगाभ्यास कर संदेश दिया है. पीएम मोदी ने योग के बाद अपने सम्बोधन में साफ किया है कि योग को अपने दिनचारिया में शामिल कर लेने से दिन की शुरुआत बेहतर होती है. मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूती मिलती है. साथ ही मन शांत रहता है.
झारखंड में भी योग दिवस पर कई कार्यक्रम किए गए. रांची में रांची यूनिवर्सिटी के दीक्षांत मंडप में राज्य स्तरीय कार्यक्रम किए गए. जिसमें रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ,स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी,रांची विधायक सीपी सिंह शामिल रहे. इस दौरान सभी ने आम लोगों को संदेश दिया कि योग को अपने डेली रूटीन में शामिल करने से स्वास्थ्य सही रहेगा. बीमारी खुद दूर रहेगी. साथ ही एक ताजगी ज़िंदगी में महसूस होगी.
अब यह जान लेते है कि आखिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस की शुरू कैसे हुई. योग दिवस मनाने का विचार सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान रखा था. उन्होंने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो मन और शरीर को संतुलिस करने में मदद करता है.
प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव को दुनिया भर के देशों का समर्थन मिला. इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. इस प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक समर्थित प्रस्तावों में से एक माना जाता है.
21 जून साल का सबसे लंबा दिन (Summer Solstice) माना जाता है. भारतीय परंपरा में इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि इसी कालखंड से आध्यात्मिक और योगिक साधना की एक नई शुरुआत होती है. इसी कारण 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुना गया.
योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद करता है. अगर रोजना योगाभ्यास किया जाए तो उससे शरीर लचीला बनता है, मानसिक तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है. योग करने से मोटापा, शुगर, टेंशन, नींद की समस्याओ को ठीक करने में मदद मिलता है इसी वजह से आज दुनिया के अनेक देशों में लोग योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रखने के बाद उन्होंने लगातार योग को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में प्रयास किए. हर वर्ष वे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं. केंद्र सरकार ने भी योग के प्रचार-प्रसार के लिए कई अभियान चलाए हैं. स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और सामाजिक स्थलों के माध्यम से योग को लोगों तक पहुंचाने का कोशिश की है.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, पोष्टिक आहार और शारीरिक गतिविधियों की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है. ऐसे समय में योग एक अच्छा उपाय के रूप में सामने आता है. रोजाना कुछ मिनट का योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है. लइसी संदेश के साथ आज देश और दुनिया में करोड़ों लोग योग दिवस मना रहे हैं.
