टीएनपी डेस्क(TNP DESK): वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंच चुका है. गैस और तेल की सप्लाई पर दबाव के बीच सरकार ने एलपीजी सिस्टम को लेकर बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं. 1 मई से लागू हुए नए नियम न सिर्फ गैस वितरण को सख्त बनाते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए कई जरूरी शर्तें भी तय करते हैं. अगर आपने समय रहते नियमों का पालन नहीं किया, तो आपकी गैस सप्लाई रुक सकती है.
नए नियमों के मुताबिक, अब एक ही घर में एलपीजी सिलेंडर और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) दोनों रखने की अनुमति नहीं होगी. जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों सुविधाएं हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा. ऐसा नहीं करने पर गैस आपूर्ति बंद की जा सकती है.
सरकार ने आधार आधारित ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है. जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दी जाएगी. हालांकि जिनका वेरिफिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया की जरूरत नहीं है.
अब कई शहरों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी आधारित हो गई है. डिलीवरी के समय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड भेजा जाएगा, जिसे बताने के बाद ही सिलेंडर मिलेगा. इसका उद्देश्य फर्जी बुकिंग और गैस के दुरुपयोग को रोकना है. जिन उपभोक्ताओं ने जून 2025 से पहले आखिरी बार गैस रिफिल कराया था, उन्हें इनएक्टिव माना जा सकता है. ऐसे यूजर्स को दोबारा गैस बुक करने से पहले ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा, नहीं तो उनका कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है.
नए नियमों का सीधा असर एलपीजी सब्सिडी पर भी पड़ेगा. जिन उपभोक्ताओं का डेटा अधूरा है या जिनके पास डुप्लिकेट कनेक्शन है, वे सब्सिडी से वंचित हो सकते हैं. सरकार का उद्देश्य है कि सब्सिडी सिर्फ पात्र लोगों तक ही पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
तेल कंपनियां अब एलपीजी और PNG कनेक्शन के डेटा को आपस में जोड़ रही हैं, ताकि डुप्लिकेट कनेक्शन की पहचान की जा सके. ऐसे मामलों में एलपीजी कनेक्शन रद्द किया जा सकता है. जल्द से जल्द आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा करें, अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें , बैंक खाते को आधार से लिंक करें, डुप्लिकेट या बंद पड़े कनेक्शन को हटवाएं, अपने क्षेत्र में PNG सुविधा की स्थिति जांच लें . इन नए नियमों के साथ सरकार गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.