टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : आस्था का पर्व सतवान 14 अप्रैल को मनाया जाता है. इसे मनाने वाला हर कोई इस दिन सत्तू का सेवन करता है. इसके साथ ही आम खाने का भी एक अलग महत्व है. इस दिन लोग गंगा में डुबकी लगाकर भगवान विष्णु की पूजा भी करते हैं. बताया जाता है कि आज के दिन गंगा स्नान कर सत्तू और रवि फसल के फल दान करने का विशेष महत्व है. ऐसे में देश के अलग-अलग कोनों से गंगा स्नान और भगवान विष्णु की पूजा का दृश्य देखने को मिल रहा है. लोग अपने घरों में मिट्टी या पीपल के घड़े के आम का पल्ला रखते हैं वही सत्तू, गुड और चीनी से पूजा होती है. सतवानी के ठीक 1 दिन पहले मिट्टी के घड़े में जल को ढक कर रखा जाता है फिर अगले दिन घर में उसी जल से पवित्र छिड़काव किया जाता है. ऐसे में मान्यता यह भी है कि इस दिन बासी भोजन का सेवन करना चाहिए.

जानिए सत्तू खाने के फायदे
सतवान का यह पर्व अप्रैल के महीने में मनाया जाता है. यह वह समय है जब गर्मी की शुरुआत होती है और ऐसे में लू चलना शुरू हो जाता है. इस वक्त जरूरी है कि लोग ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें और अपने शरीर को ठंडा रखे. वही सत्तू जो है वो आपके शरीर को ठंडा रखता है और साथ ही साथ इसका सेवन करने पर प्यास भी ज्यादा लगती है, जिस वजह से लोग ज्यादा से ज्यादा पानी पीते हैं. सत्तू खाने से पानी की कमी नहीं होती है और आपके शरीर के पाचन शक्ति भी सही रहती है. सत्तू खाने से आपको भूख कम लगती है ऐसे में तेल मसाले वाले खाने से आप बचते हैं और आपको एसिडिटी या पेट से जुड़ी कोई और समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है.

जानिए कच्चा आम खाने के फायदे
सतवान के दिन लोग सत्तू के साथ कच्चे आम का भी प्रयोग करते हैं, जिससे आपके शरीर को कई प्रकार का फायदा मिलता है. कच्चा आम पानी के कमी से बचने के लिए काफी लाभदायक है. कच्चे आम का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी पूरी हो जाती है. इतना ही नहीं है ये आपको एसिडिटी और गैस जैसी समस्याओं से दूर रखता है. कच्चे आम से गर्मियों में काफी राहत मिलती है ऐसे में लोग कच्चे आम का पन्ना पीना काफी ज्यादा पसंद करते हैं. ये स्वाद में तो अच्छा होता ही है ,साथ ही साथ यह शरीर के लिए भी काफी लाभदायक है.

कई पर्व में छिपे है साइंटिफिक रीजन
हिंदू धर्म में शायद ही कोई ऐसा पर्व होगा जिन्हें मनाने के पीछे कोई साइंटिफिक रीजन जुड़ा न हो. उदाहरण के तौर पर हम मकर संक्रांति को लेते हैं मकर संक्रांति जनवरी के महीने में मनाया जाता है जिस समय ठंड काफी ज्यादा होती है. मकर संक्रांति की अपनी मान्यता है कि इस वक्त गुड़ और तिल का सेवन करना चाहिए. जो ठंड के समय खाना आपके शरीर के लिए सबसे लाभदायक है. गुड और तिल में गर्मी होती है जिसे खाने से आपके शरीर को गर्माहट मिलती है. जो आपको ठंड से बचाता है इसी प्रकार सतवान की भी ऐसी ही कुछ साइंटिफिक रीजंस है जो आपके शरीर के लिए भी काफी उपयोगी है.
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