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Wipro और Infosys ने क्यों निकाला कर्मचारियों को बाहर, क्या है Moonlighting? जानिए

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 10:34:19 PM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): अगर आप एक साथ दो कंपनियों में काम कर रहे हैं तो आपके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है. क्योंकि moonlighting के चलते बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों को निकाल रही हैं. विप्रो ने कुछ दिन पहले ही अपने कर्मचारियों को निकाला था. अब इसी कड़ी में इंफोसिस ने भी अपने कर्मचारियों को बाहर निकाला है. चलिए जानते हैं कि ये moonlighting क्या है, जिसके कारण कंपनियां अपने कर्मचारियों को बाहर निकाल रही है.

क्या है Moonlighting?

मूनलाइटिंग का अर्थ है - अपनी पूर्णकालिक नौकरी के अलावा दूसरी नौकरी या कई अन्य कार्य करना. कंपनियों ने इस प्रथा का विरोध करते हुए कहा है कि कई काम करने वाले कर्मचारी उनकी उत्पादकता को प्रभावित कर सकते हैं. आईटी उद्योग में मूनलाइटिंग बहस का विषय बन गया है, क्योंकि कोविड -19 महामारी के दौरान घर से काम करना सामान्य मानदंड बन गया, जिसके बारे में माना जाता है कि इससे दोहरे रोजगार में वृद्धि हुई है. हालांकि, moonlighting के मामले में भारतीय आईटी कंपनियां विभाजित हैं. कुछ के लिए, यह अनैतिक है जबकि अन्य इसे समय की आवश्यकता कहते हैं.

इंफोसिस ने दी थी कर्मचारियों को चेतावनी

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज(TCS) के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीएफओ) एनजी सुब्रमण्यम ने इसे एक नैतिक मुद्दा करार दिया है. इंफोसिस ने भी अपने कर्मचारियों को कंपनी को बताए बिना दूसरी नौकरी करने के खिलाफ चेतावनी दी है. मानव संसाधन विभाग द्वारा कर्मचारियों को भेजे गए हालिया ईमेल में, इंफोसिस ने इस बात पर प्रकाश डाला था कि उसके सभी कर्मचारियों को वैकल्पिक नौकरी लेने से पहले अपने रोजगार अनुबंध को पढ़ना चाहिए.  वास्तव में, कंपनी ने कर्मचारियों को काम के घंटों के दौरान या बाद में दूसरी नौकरी करने पर बर्खास्तगी की चेतावनी भी दी थी.

कंपनी की सीक्रीसी के लिए कर्मचारियों को निकाला बाहर

इसी कड़ी में विप्रो की तरह, इंफोसिस ने भी हाल के महीनों में moonlighting के लिए कर्मचारियों को कंपनी से निकाल दिया है. सीईओ सलिल पारेख ने गुरुवार को कहा कि अगर हमने कर्मचारियों को दो अलग-अलग कंपनियों में काम करते पाया है, तो हमने उन्हें पिछले 12 महीनों में जाने दिया है. ऐसा कंपनी की सीक्रीसी मेन्टेन करने के लिए किया गया है. बता दें कि विप्रो ने भी moonlighting के लिए 300 कर्मचारियों को निकाल दिया था. विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने कुछ हफ्ते पहले कहा था कि कंपनी ने moonlighting के लिए 300 कर्मचारियों को निकाल दिया है.

“हम दोहरे रोजगार का समर्थन नहीं करते हैं”

हालांकि, सीईओ सलिल पारेख ने कहा कि इंफोसिस कर्मचारियों को बाहरी कार्यक्रम करने की अनुमति देने के लिए एक नीति पेश करने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि इंफोसिस ने एक्सेलरेट नाम से एक प्लेटफॉर्म स्थापित किया है, जहां कर्मचारी आंतरिक गिग वर्क और बाहर की परियोजनाओं को देख सकते हैं. पारेख ने कहा कि “औसत तिमाही में, 4,000 लोग इन नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं, जिनमें से 600 चुने जाते हैं. हम काम से परे सीखने के लिए अपने कर्मचारियों की आकांक्षाओं का समर्थन करते हैं. हम यह सुनिश्चित करते हुए अधिक व्यापक नीतियां विकसित कर रहे हैं कि संविदात्मक गोपनीयता प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से सम्मान किया जाए. हालांकि, हम दोहरे रोजगार का समर्थन नहीं करते हैं.”

इंफोसिस ने 10,032 से अधिक कर्मचारियों को जोड़ा

इंफोसिस ने दूसरी तिमाही में 10,032 से अधिक कर्मचारियों को जोड़ा है, जिससे कर्मचारियों की कुल संख्या 3.4 लाख हो गई. सीएफओ नीलांजन रॉय ने कहा कि “कंपनी ने वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में 40,000 फ्रेशर्स को काम पर रखा है. फ्रेशर्स को ऑनबोर्ड करने में कोई देरी नहीं है.” वहीं उन्होंने बताया कि सितंबर तिमाही में स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने वालों की संख्या घटकर 27.1% हो गई है, जो पिछली तिमाही में 28.4% थी.

Tags:News

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