टीएनपी डेस्क(TNP DESK):भगवान हनुमान को हिंदू धर्म में शक्ति, भक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है. उन्हें “बजरंगबली” नाम से भी जाना जाता है, लेकिन इस नाम के पीछे एक रोचक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है.“बजरंग” शब्द दो भागों से मिलकर बना है.‘वज्र’ और ‘अंग’.इसका अर्थ होता है ऐसा शरीर जो वज्र यानी हीरे की तरह कठोर और अटूट हो. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान का शरीर अत्यंत मजबूत, अद्भुत और किसी भी अस्त्र-शस्त्र से प्रभावित न होने वाला था. इसलिए उन्हें “बजरंग” कहा जाने लगा.
हनुमान जी को क्यों कहा जाता है बजरंगबली?
वहीं “बली” का अर्थ होता है शक्तिशाली या बलशाली.हनुमान जी को अपार शक्ति, साहस और असीम ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है उन्होंने अपने जीवन में अनेक ऐसे कार्य किए जो सामान्य देवताओं और मनुष्यों के लिए असंभव थे. इसी कारण उन्हें “बली” यानी महाशक्तिशाली कहा गया.इस तरह “बजरंगबली” का अर्थ हुआ वज्र समान शरीर वाले अत्यंत शक्तिशाली वीर.एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी ने माता सीता की खोज के लिए लंका जाने का निश्चय किया, तब उन्होंने अपनी अद्भुत शक्ति का परिचय दिया. वे समुद्र लांघकर लंका पहुंचे और राक्षसों का सामना किया. उनकी इस शक्ति और साहस को देखकर सभी देवता भी आश्चर्यचकित रह गए.
इंद्रदेव के वज्र से उनकी ठोड़ी (हनु) पर चोट लगी थी
इसके अलावा एक अन्य कथा में बताया जाता है कि इंद्रदेव के वज्र से उनकी ठोड़ी (हनु) पर चोट लगी थी, जिसके कारण उनका नाम “हनुमान” पड़ा. लेकिन उनकी शक्ति और अटूट शरीर के कारण ही उन्हें “बजरंगबली” के रूप में पूजा जाने लगा.आज भी भक्त हनुमान जी को बजरंगबली कहकर उनकी शक्ति, भक्ति और संकटमोचन स्वरूप को याद करते है. मंगलवार और शनिवार को उनकी विशेष पूजा की जाती है ताकि जीवन के सभी कष्ट दूर हो.