रांची (RANCHI): झारखंड की बेटी अब तेलंगाना में डीजी के पद तक पहुंच गई है. वह एसटी समुदाय की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें इतना बड़ा मुकाम हासिल हुआ है. उनकी इस उपलब्धि की चर्चा पूरे झारखंड में हो रही है. स्वाति के कंधों पर अब एक बड़ी जिम्मेदारी है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर स्वाति लकड़ा कौन हैं और उन्होंने रांची से तेलंगाना तक का सफर कैसे तय किया.
स्वाति लकड़ा 1995 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. यूपीएससी क्रैक करने के बाद उन्हें तेलंगाना कैडर मिला, जिसके बाद से वह वहीं पुलिस सेवा में कार्यरत हैं. तेलंगाना में स्वाति को तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारियों में गिना जाता है. कई बार सोशल मीडिया पर लोग उनकी तारीफ करते नजर आए हैं. महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उनके काम को विशेष पहचान मिली है. उन्होंने एक अभियान चलाकर अपनी अलग पहचान बनाई, जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई थी. सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा.
अब उन्हें प्रमोशन मिला है और वह डीजी रैंक तक पहुंच गई हैं. उन्होंने तेलंगाना पुलिस में डायरेक्टर जनरल ऑफ स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स के पद पर योगदान दिया है. पदभार संभालने के बाद स्वाति लकड़ा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की.
यह खबर जैसे ही झारखंड पहुंची, यहां के लोगों ने इसे गर्व के रूप में देखा. अक्सर झारखंड को पिछड़े राज्य के रूप में देखा जाता है, लेकिन स्वाति ने यह साबित कर दिया कि किसी राज्य की पहचान उसकी प्रतिभाओं से होती है. यहां से भी कई लोग देश के अलग-अलग राज्यों में बड़े पदों पर कार्यरत हैं.
स्वाति जिस समुदाय से आती हैं, संभवतः उस एसटी समाज में अब तक कोई महिला पुलिस विभाग में इतने बड़े पद तक नहीं पहुंची थी. उन्होंने यह रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. उनका मानना है कि यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी और लगन से काम करे, तो वह ऊंचाइयों तक जरूर पहुंच सकता है.
अगर उनके झारखंड से जुड़ाव की बात करें, तो उनके पिता साउथ ईस्टर्न रेलवे में सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, जिसके कारण उनका अधिक समय रांची में बीता. स्वाति ने 10वीं तक की पढ़ाई लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल और 12वीं डीएवी, जेवीएम श्यामली से पूरी की. इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चली गईं. शुरुआत में उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन बाद में यूपीएससी की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया और अंततः अपने लक्ष्य को हासिल किया.