टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बंगाल चुनाव में एक बड़ा ट्विस्ट आ गया है. ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होकर नई पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर और ओवैसी की पार्टी की जोड़ी टूट गई है. दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे, ओवैसी की पार्टी ने ट्वीट कर साफ कर दिया है कि हुमायूं कबीर के साथ पार्टी ने नाता तोड़ लिया है और अब वह अकेले चुनाव लड़ेगी. सवाल उठ रहा है कि इसका फायदा किसको होगा? हुमायूं कबीर को तो पहले से ही भाजपा की बी टीम कहा जा रहा था, लेकिन अब उनके वायरल वीडियो ने खुद उनको सवालों को घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. हालांकि वायरल वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि The News Post नहीं करता है.
वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद तहलका
सूत्र बता रहे हैं कि यह वायरल वीडियो गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस ने जारी किया है और उसके बाद ओवैसी की पार्टी में सख्त एक्शन लिया है. इसका फायदा आखिर किसको मिलेगा? चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए चुनाव मैदान में उतरी ममता बनर्जी इस स्थिति का कितना फायदा उठा पाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के लिए यह फायदे की बात हो सकती है, राजनीतिक पंडित भी ऐसा ही कुछ मान रहे हैं. बताया जाता है कि नामांकन की प्रक्रिया खत्म हो गई है. अब ऐसे में ओवैसी की पार्टी अकेले चुनाव किस तरीके से लड़ेगी, यह भी देखने वाली बात होगी.
बंगाल के चुनाव में बड़ा "गेम चेंजर" आया सामने
बंगाल के चुनाव में अब यह बड़ा "गेम चेंजर" हो सकता है. गुरुवार की शाम तृणमूल कांग्रेस ने उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर का एक वीडियो जारी किया. वीडियो में हिमायू कबीर एक व्यक्ति से बात करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन कोई अन्य व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है. वीडियो में यह सुना जा सकता है कि उस व्यक्ति से हुमायूं कबीर के बीच 100 करोड़ के सौदे पर चर्चा हो रही है. बता दे कि चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए लड़ रही ममता बनर्जी के सामने AIMIM और हुमायूं कबीर की बगावत एक बड़ा खतरा माना जा रहा था. लेकिन अब कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब पूरे चुनाव में बड़ा ट्विस्ट आ गया है. ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन तोड़ लिया है. बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी से निकले हुमायूं कबीर के प्रति अल्पसंख्यक समुदाय में अविश्वास स्थिति पैदा हो गई है. इस पूरे प्रकरण में किस को फायदा होगा, यह तो रिजल्ट ही बताएगा.
रिपोर्ट - धनबाद ब्यूरो