टीएनपी डेस्क(TNP DESK):केंद्र सरकार की ओर से गरीबी रेखा से नीचे आने वाले गरीब परिवार के लिए मुफ्त में राशन की व्यवस्था की गई है. जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत हर महीने इन परिवार को केंद्र सरकार की ओर से राशन दिया जाता है. राशन के लिए राशन कार्ड की जरुरत पड़ती है, जो सरकार की ओर से बनाई जाती है. राशन कार्ड दिखाकर राशन कार्ड के लाभुक पीडीएफ दुकान से राशन ले लेते है लेकिन इन दिनों काफी ज्यादा शिकायते सामने आ रही है जिसमे कहा जा रहा है कि बहुत से राशन कार्ड के लाभुक ऐसे है,जो पिछले कई महीने से राशन का उठाव नहीं कर रहे है ऐसे लोगों पर अब सरकार सख्त हो चुकी है.जो लोग पिछले 6 महीने से राशन नहीं उठा रहे है वैसे लोगों का राशन कार्ड सरकार रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है.
झारखंड में काटे गये 4 लाख से अधिक लाभुकों के नाम
यदि आप भी राशन कार्ड के लाभुक है और पिछले महीने से राशन का उठाव नहीं कर रहे है तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है.आपको बता दें कि सरकार की ओर से पहले ही इस बात की घोषणा की गई थी कि जो लोग भी हर महीने राशन का उठाव नहीं करते है, ऐसे लाभुकों के राशन कार्ड को रद्द कर दिया जाएगा, आपको बता दें कि झारखंड में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. झारखंड सरकार ने महीनों से राशन नहीं उठाने वाले 4 लाख से अधिक राशन कार्ड को रद्द कर दिया है.यदि आप भी ऐसे लाभुकों में शामिल है तो आपको सावधान हो जाइए.
हर महीने राशन उठाना जरुरी
आपको बता दें कि झारखंड में अब तक 4,2,2404 राशन कार्ड रद्द करवा दिया जा चूका है. वह भी महज़ इसलिए क्योंकि यह लाभुक कई महीने से राशन कार्ड का उठाव नहीं कर रहे है.आपको बता दें कि जांच में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि कुल राशन कार्ड धरियों में से 75% ऐसे लाभुक है जो महीनों से राशन नहीं उठा रहे है.हलांकी इसके पीछे की वजह प्रवासी मजदूर वर्ग दूसरे राज्य में जाना भी है, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रोजी-रोटी की तलाश में मजदूर वर्ग के लोग अपने राज्य से दूर चले जाते है जिसकी वजह से राशन कार्ड हर महीने राशन हर महीने नहीं उठा पाते है.
झारखंड में 8 लाख से अधिक साइलेंट राशन कार्ड की संख्या
बात अगर जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम की जाए तो यहां 1 लाख 67 हजार से अधिक राशन कार्ड के लाभुकों का नाम काट दिया गया है.जिसमे सरायकेला से 32,947 लाभुक शामिल है. केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट की माने तो झारखंड में साइलेंट राशन कार्ड धारियों की संख्या 8 लाख के करीब है ये ऐसे लाभुक है जिनके नाम से राशन कार्ड तो बन गया है लेकिन ये किसी वजह से राशन कार्ड लेने पीडीएफ दुकान नहीं जाते है.अब ऐसे राशन कार्ड धारकों का नाम काटा जा सकता है जिसके बारे में विभाग को कोई भी जानकारी नहीं है.आपको बता दें कि झारखंड में अभी भी 1,55,142 राशन कार्ड ऐसे है जिनकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है अगर इसमें कोई कमी पाई गई तो इनके भी नाम कट दिए जाएंगे.