✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

दो घटनाएं निगल गईं छ: जिंदगियां, आखिर कहां हुई चूक? बच्चों की परवरिश आज के ज़माने में बन गई है चुनौती,क्या है इनसाइट स्टोरी

BY -
Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: February 5, 2026, 1:33:56 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): दो दिन में दो वारदातें हुईं. एक घटना राजधानी रांची की तो दूसरी उत्तर प्रदेश के ग़ाजियाबाद की है जहां एक ही पल में दो परिवार उजड़ गए. इनकी कहानी भी मिलती जुलती ही है जहां रांची में परिवार के तीन लोगों ने जहर खाकर और फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. वहीं दूसरी ओर ग़ाजियाबाद में 3 बहनों ने मंगलवार की देर रात 9 वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी.

बात करें रांची की घटना की तो सोमवार के दिन परिवार की माँ, बेटा और नाबालिक बेटी ने आत्महत्या कोशिश की जहां बेटे की मौके पर ही मौत हो गई और माँ बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है. मिली जानकारी के अनुसार परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. दरअसल बेटे की CA की पढ़ाई के लिए माँ ने लोन लिया था. वहीं कुछ ही दिन पहले बेटे की नौकरी जाने के बाद परिवार पैसों की किल्लत का सामना कर रहा था. ऐसे में परिवार के लोगों ने पियर प्रेशर में आकार यह खौफनाक कदम उठाया.

वहीं ग़ाजियाबाद मामले की बात करें तो बताया गया है कि एक ही परिवार की तीन बहनें अनलाइन कोरियन लव गेम की लत में पद चुकीं थी. वे तीनों करीबन 2 साल से स्कूल नहीं जा रहीं थी और कोरियन गेम में दिए हुए टास्क को पूरा करती थी. तीनों बहनों की उम्र 12 से 16 साल के बीच की थी, जहां तीनों ने एक साथ मिलकर अपने घर की बालकनी से छलांग लगा दी.

इन दोनों घटनाओं ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर माता-पिता का दबाव जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है? रांची की घटना में आर्थिक तंगी, करियर का तनाव और सामाजिक तुलना ने एक पूरे परिवार को टूटने पर मजबूर कर दिया. वहीं गाजियाबाद में तकनीक और ऑनलाइन दुनिया की लत ने मासूम जिंदगियों को निगल लिया. यह साफ दिखाता है कि आज के दौर में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी एक बड़ी चूक बनती जा रही है. समय रहते मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सहयोग और सही मार्गदर्शन न मिलना इन हादसों की जड़ में दिखाई देता है.

विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की परवरिश अब सिर्फ पढ़ाई और करियर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डिजिटल दुनिया की निगरानी भी उतनी ही जरूरी हो गई है. मोबाइल, गेम और सोशल मीडिया बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन बिना सीमा के इस्तेमाल से खतरे भी बढ़े हैं. माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों पर भरोसा करें, उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें असफलता से डरने के बजाय उससे उबरना सिखाएं. स्कूल, समाज और परिवार—तीनों को मिलकर ऐसा माहौल बनाना होगा, जहां बच्चे खुलकर अपनी बात रख सकें, तभी ऐसी दर्दनाक घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है.

Tags:crime newsghaziabad incidentghaziabad suicideranchi suicidesuicidesuicide newsghaziabad suicide newscrime news trendingranchi AG colony suicide caseTwo incidents claimed six livesinside storypeer pressuredepressionlatest newsviral newstrending newstop newsbig newsbreaking news

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.