टीएनपी डेस्क(TNP DESK):शहरों में प्रेम विवाह करना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन आज भी गांव में अगर कोई दूसरी जाति धर्म में लड़का या लड़की से शादी कर ले तो यह बहुत बड़ा अपराध मान लिया जाता है, जबकी कानून में भी हर बालिग लड़का या लड़की को अपने पसंद के जीवनसाथी से विवाह करने का अधिकार दिया गया है, लेकिन फिर भी लोग इज्जत, धर्म, जाति के नाम पर इसका विरोध करते है.कुछ राज्यों में प्रेम विवाह के बाद लड़का लड़की की हत्या के मामले भी सामने आते है, जो काफी ज्यादा भयावह है. जहां इज्जत के नाम पर परिवार वाले ही अपने बेटे बेटी को जान से मार देते है.
लव मैरेज के बाद घरवाले करते है परेशान
आपको बता दे कि जब भी कोई लड़का या लड़की दूसरी जाति धर्म में विवाह कर लेते है,तो इसे प्रेम विवाह कहा जाता है.क्योंकि प्रेम विवाह में लड़का और लड़की दोनों आपसी सहमती से विवाह करते है, इसमे उनके परिजनों की कोई सहमति नहीं होती है, इसलिए उनका विरोध भी जोड़ों को सहना पड़ता है.जहां प्रेम विवाह करने के बाद लड़का और लड़की के परिजन तरह-तरह से उनके ऊपर दबाव बनाते है कभी जान से मरने की धमकी देते है, तो कभी मारपीट तो कभी गली गलौज करते है वही मानसिक मानसिक रूप से भी परेशान किया जाता है ताकि वह एक दूसरे को छोड़ दे.
घरवाले करे परेशान तो क्या करें
जब कोई प्रेम विवाह करता है और परिवार वाले तरह-तरह से परेशान करते है तो जोड़ों को समझ में नहीं आता है कि वह करें तो करें क्या और उनके कानून का अधिकार आखिर है क्या.ऐसे में आज हम आपको बताने वाले है कि प्रेम विवाह के बाद अगर घर वाले आपको परेशान कर रहे है तो आप क्या कर सकते है और कौन-कौन से कानून कदम उठा सकते है.
शांत मन से ले फ़ैसला
अगर आपने प्रेम विवाह कर लिया है और घर वाले इसका विरोध कर रहे है तो फोन के जरिए या अन्य किसी माध्यम से आपको धमकी, गाली गालौज या मारपीट कर रहे है तो यह कानूनी रूप से गलत है.यदि आपके परिवार वाले विरोध कर रहे है तो आपको सबसे पहले शांत मन से बैठकर अपने साथी के साथ निर्णय लेना चाहिए कि आगे कौन सा कदम उठाना है.यदि आपको अपने परिजनों से तुरंत खतरा महसुस हो रहा है तो किसी ऐसे सुरक्षित स्थान पर जहां तक आपके घरवाले ना पहुंच सके.
पुलिस सुरक्षा लें
वही अपनी लोकेशन कुछ ऐसे दोस्तों को ही बतायें जिस पर आपको काफी ज्यादा विश्वास हो.यदी आपको जान से मारने की धमकी दी जा रही है तो सबसे पहले पुलिस सुरक्षा ले और थाने में जाकर अपने आप बीती सुनाएं.इसके साथ ही सबूत जमा करे जहां मैसेज कॉल पर यदि आपको धमकी दी जा रही है तो रिकॉर्ड करें और जब समय आए तो कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करें.
विशेष हिंदू विवाह अधिनियम 1954 के तहत पंजीकरण करें
आपको बता दें कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 यह कानून हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के लोगों की शादी के लिए है.जहां शादी के समय लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 साल होनी चाहिए.यदि आपने कोर्ट में अपनी शादी को रजिस्टर नहीं करवाया है तो विशेष विवाह अधिनियम के तहत जाकर अपनी शादी को कोर्ट में रजिस्टर करवाएं.
आरोप साबित होने पर 2 साल तक की हो सकती है सजा
वही अच्छे वकील से मिले जो आपको आपके हालात के हिसाब से सही सलाह दे सके.अगर कोई व्यक्ति कपल को जान से मारने या गंभीर नुकसान की धमकी देता है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 के तहत आपराधिक केस दर्ज किया जा सकता है.जहां धमकी देने वाले को दो साल तक सजा और जुर्मना देना पड़ सकता है.
