टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड के दो प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल, नेतरहाट विद्यालय और विकास विद्यालय, आज भी पूरे देश में अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और सफल परिणामों के लिए विशेष पहचान रखते हैं. इन दोनों स्कूलों में एडमिशन पाना किसी भी छात्र के लिए आसान नहीं माना जाता, क्योंकि यहां चयन प्रक्रिया बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक होती है.
झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में इन दोनों संस्थानों का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिया जाता है. नेतरहाट विद्यालय, जो अपनी ऐतिहासिक विरासत और कठोर अनुशासन के लिए जाना जाता है, ने देश को कई आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर दिए हैं. यहां पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है. प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह विद्यालय छात्रों को एक अलग ही शैक्षणिक अनुभव प्रदान करता है, जहां पढ़ाई के साथ अनुशासन और आत्मनिर्भरता भी सिखाई जाती है.
वहीं दूसरी ओर विकास विद्यालय भी अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण पद्धति के कारण लगातार चर्चा में रहता है. यहां छात्रों को न सिर्फ अकादमिक शिक्षा दी जाती है, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विशेष रूप से तैयार किया जाता है. इस स्कूल में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को कड़ी प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसके बाद ही चयन संभव होता है.
दोनों ही स्कूलों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां शिक्षा को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और नेतृत्व क्षमता को भी बराबर महत्व दिया जाता है. यही कारण है कि इन संस्थानों से निकले छात्र देश और विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं.
आज के समय में जब शिक्षा प्रतिस्पर्धा का मुख्य आधार बन चुकी है, तब नेतरहाट और विकास विद्यालय जैसे संस्थान छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं. इन स्कूलों में प्रवेश लेना न सिर्फ एक उपलब्धि मानी जाती है, बल्कि यह एक सफल करियर की मजबूत नींव भी साबित होती है.