टीएनपी डेस्क (TNP DESK): राज्य में कई बेहतरीन स्कूल मौजूद हैं जहां बेहतरीन पढ़ाई होतो है. पर कई बार इन स्कूलों में फीस ज्यादा होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला नहीं करा पाते. ऐसे में पैसों के अभाव में हुनर होने के बावजूद भी बच्चे कई बार अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. अगर आप भी आईएसओ सोच में पड़े हैं की अपने बच्चे को कम पैसे में अच्छी शिक्षा कैसे दें तो यह खबर आपके बड़े काम आने वाली है. यहाँ हम आपको बताएंगे राजधानी रांची के तीन ऐसे स्कूलों के बारे में जहां आप 500 रुपये से भी कम की फीस में अपने बच्चे को बेहतरीन शिक्षा दे सकते हैं.
इन स्कूलों की फीस है बेहद कम
सेंट्रल एकेडमी : राजधानी रांची स्थित सेंट्रल एकेडमी, राज्य के नामी गिरामी स्कूलों में शुमार है. यह स्कूल ना सिर्फ अपने अच्छी और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है ब यहाँ एडमिशन होना भी काफी मुश्किल है. रांची के टॉप स्कूलों में एक सेंट्रल एकेडमी की एक महीने की फीस लगभग 1000 रुपये है, जो राजधानी के मशहूर प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले ना के बराबर है.बेहद कम फीस होने के बावजूद यहाँ आपको बेहतरीन और गुणवत्ता पूर्ण पढ़ाई मिलती है. साथ ही यहाँ का सालाना ट्रक रिकार्ड भी टॉप टियर का है. यहाँ पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी विशेष जोर दिया जाता है. ऐसे ही एक स्कूल में कक्षाएं शुरू होने से पहले ध्यान और मेडिटेशन कराया जाता है. बच्चों के लिए रोजाना करीब 45 मिनट का विशेष योग सत्र रखा जाता है, जिससे उनका फोकस, एकाग्रता और मानसिक संतुलन बेहतर हो सके. पूरे रांची में यह अपनी तरह का अनोखा स्कूल माना जाता है, जहां शिक्षा के साथ योग और ध्यान को नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है.
इस स्कूल का कैंपस भी इसे खास बनाता है. चारों ओर फैली हरियाली इतनी घनी है कि यहां आने पर प्रकृति की गोद में होने का एहसास होता है. साथ ही शांत वातावरण और प्राकृतिक माहौल के कारण बच्चों का मन स्थिर रहता है और पढ़ाई में उनका ध्यान लंबे समय तक बना रहता है.
जवाहर नवोदय विद्यालय, मेसरा : रांची के मेसरा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय भी शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहतरीन उदाहरण है. यहां छात्रों से नाममात्र की फीस ली जाती है, जो विकास शुल्क के रूप में करीब 600 रुपये प्रतिमाह है, जबकि रहना और भोजन पूरी तरह नि:शुल्क होता है. यही वजह है कि यह स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए वरदान साबित हो रहा है.
हर साल इस विद्यालय से कई छात्र राज्य के टॉप 10 या टॉप 15 की सूची में अपनी जगह बनाते हैं. यहां प्रवेश पूरी तरह मेरिट के आधार पर होता है. इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा पास करना अनिवार्य है. जिन बच्चों में क्षमता है लेकिन आर्थिक कारणों से अच्छी शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं, उनके लिए यह विद्यालय एक सुनहरा अवसर है. यहां की फैकल्टी भी स्कूल की बड़ी ताकत है. शिक्षक सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाती है. यह विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त है.
केंद्रीय विद्यालय, हीनू : तीसरा प्रमुख संस्थान रांची का केंद्रीय विद्यालय है, जो हीनू क्षेत्र में स्थित है. यह भी सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है और अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए जाना जाता है. यहां से हर साल न सिर्फ बोर्ड परीक्षा में अच्छे परिणाम आते हैं, बल्कि आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कई छात्र सफलता हासिल करते हैं.
केंद्रीय विद्यालय की फीस बेहद किफायती है, जो लगभग 300 से 500 रुपये के बीच होती है. आधुनिक कक्षाएं, स्मार्ट क्लास, लैब और अन्य सुविधाएं यहां प्राइवेट स्कूलों जैसी ही उपलब्ध हैं. विद्यालय में कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई होती है और प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाता है. अच्छे अंक या प्रवेश परीक्षा में सफलता यहां दाखिले के लिए जरूरी होती है.
यहां भी शिक्षक सरकारी चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त होते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित रहती है. हरे-भरे परिसर और अनुशासित माहौल के कारण यह स्कूल रांची के सबसे बेहतर और किफायती विकल्पों में गिना जाता है.
अगर किसी बच्चे में प्रतिभा है और वह सीमित संसाधनों में भी बेहतर शिक्षा चाहता है, तो रांची के ये तीनों स्कूल कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई के बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं.
