टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : आज के युग में हमारे फोन में बहुत सारे ऐप्स होते हैं जैसे की गेमिंग, बैंकिंग, शॉपिंग, न्यूज़, सोशल मीडिया और ना जाने क्या–क्या. इनमें से बहुत से ऐसे ऐप होते हैं जो फ्री हैं. हम उन ऐप्स पर बिना पैसे खर्च किए ही डाउनलोड करते हैं, इस्तेमाल करते हैं और अपनी रोज की ज़िंदगी का हिस्सा बना लेते हैं. लेकिन अब इसमें सबसे बड़ा सवाल ये हैं की, क्या सच में ये सारे ऐप फ्री होते हैं? या फिर हम कोई और तरीके से इसकी कीमत चुका रहे हैं?
अब असली कहानी यहीं से शुरू होती हैं, जहां ट्रैकिंग, डेटा और विज्ञापन का बड़ा खेल चलता है. आपने देखा होगा की जब भी आप कोई भी ऐप इंस्टॉल करते हैं तो वो आपसे कई तरह की जानकारी लेता हैं जैसे की स्टोरेज, कॉन्टैक्ट्स, कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन. अक्सर ऐसा होता हैं की हम बिना कुछ सोचे समझे “Allow” पर क्लिक कर देते हैं. लेकिन ये वही समय हैं जब हम अपनी पर्सनल जानकारी उस ऐप के साथ शेयर करना शुरू कर देते हैं.
हर बार जब आप किसी ऐप को खोलते हैं तो आप कुछ सर्च करते होंगे तो किसी पोस्ट को लाइक करते हैं या किसी वीडियो को देखते हैं, जो भी आप करते हैं सब चीज रिकॉर्ड होता है. आपको लग रहा होगा की ये डेटा सिर्फ आपके फोन तक ही रहता हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैं क्योंकि ये सारे डेटा कंपनियों के सर्वर तक पहुंच जाते हैं जहां इसे एनालाइज किया जाता है.
इस डेटा का सबसे बड़ा इस्तेमाल होता है विज्ञापन में. आपने ये जरूर ध्यान दिया होगा कि जब भी आप किसी चीज के बारे में सोचते हैं या सर्च करते हैं तो, उसके थोड़ी ही देर बाद हमारे द्वारा सर्च किए हुए चीजों से जुड़े क विज्ञापन आपको दिखने लगते हैं. ये सब कमाल डेटा ट्रैकिंग का है.
कंपनियां आपके व्यवहार को बहुत अच्छे से समझती हैं की आप क्या पसंद करते हैं, क्या खरीदना चाहते हैं. फिर उसी के अनुसार आपको, सोशल मीडिया साइट्स उसी तरीके के विज्ञापन दिखाते हैं. इससे कंपनियों को ज्यादा प्रॉफ़िट होता हैं, क्योंकि उनके विज्ञापन सही लोगों तक पहुंचते हैं. अगर सीधे शब्दों में समझाया जाए तो आप ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहे बल्कि ऐप आपके डेटा को यूज कर रहा हैं.
आज के समय में आपका समय बहुत कीमती हैं. ऐप्स को इस कदर डिजाइन किया जाता है कि आप ज्यादा से ज्यादा समय उसमें ही बिताएं. जितना समय आप फोन पर बिताते हैं उतने ही समय में आपका डेटा तयार हो जाता हैं. इसका मतलब हैं की आपका समय ही कंपनियों की कमाई का साधन बन जाता है.
अब सबसे महत्वपूर्ण चीज हैं प्राइवेसी. क्या आपको पता हैं की आपका सारा डेटा कहा जा रहा है. सच ये है की ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं है की यह सारी जानकारी जा कहाँ रही है. Terms and Conditions इतने उलझे हुए होते हैं की लोग उसे पूरा पढ़ना पसंद नहीं करते हैं और फिर इसका नतीजा यही होता हैं की हम अपनी निजी जानकारी उनके साथ शेयर कर रहे हैं. लेकिन कम्पनियों का यह कहना हैं की डेटा उनके ऐप को एन्हैन्स करने के लिए होता है.