✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट के फैसले को किया खारिज, कहा-किसी को 'मियां-तियां' और 'पाकिस्तानी' कहना गलत, लेकिन...

BY -
Vinita Choubey  CE
Vinita Choubey CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 2:05:44 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मुस्लिम को 'मियां-तियां' या 'पाकिस्तानी' कहना गलत है, हालांकि यह अपराध नहीं है. शीर्ष अदालत ने कहा कि यह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 298 के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अपराध के बराबर नहीं है.

शीर्ष अदालत की न्यायमूर्ति बीवी नागरना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने झारखंड उच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. साथ ही, न्यायालय ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज करते हुए अपीलकर्ता (आरोपी व्यक्ति) को बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि आवेदक (अपीलकर्ता) पर सूचक को मियां और 'पाकिस्तानी' कहकर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. निस्संदेह, यह कथन अनुचित है. लेकिन यह किसी भी तरह से सूचक की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बराबर नहीं है. न्यायालय ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज करते हुए इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 298 के तहत आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया.

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, झारखंड के चास अनुमंडल कार्यालय के कार्यवाहक लिपिक और उर्दू अनुवादक ने एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया था कि जब वह एक आरटीआई आवेदन के संबंध में जानकारी मांगने गया तो आरोपी ने उसके धर्म का हवाला देते हुए उसके साथ दुर्व्यवहार किया. जब मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए आरोपी को बरी करने से इनकार कर दिया. इसके बाद उसने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. जिस पर जस्टिस बीवी नागरना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सुनवाई की.

 

 

Tags:supreme courtsupreme court of indiajharkhand high courtsupreme court newshigh court livejharkhand high court decision on reservationsupreme court decisionsupreme court roompatna high courtjharkhand high court rejects lalusupreme court judgmentshigh court of jharkhandweb streaming of jharkhand high courtlive streaming of jharkhand high courtcontempt of courtThe Supreme Court rejected the decision of the Jharkhand High Courtwrong to call someone 'Miyan-Tian' and 'Pakistani'Calling someone Miyan-TiyanMiyan Tiyanpakistaniwhat is miyan tiyanSupreme Court of IndiaHurting religious sentimentsPakistanSection 298 IPCपाकिस्तानीमियां टियांमियां तियांसुप्रीम कोर्टभारतीय मुस्लिमइंडियन मुस्लिमधार्मिक भावनाएं"

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.