टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में कई नामी गिरामी स्कूल्स हैं जिन्हें लेकर यह मान्यता है कि अगर यहाँ किसी ने दाखिला ले लिया तो समझो आपकी लाइफ सेट है. ऐसा माना जाता है राज्य के इन सककुल में मिलने वाली शिक्षा और सुविधाएँ इतनी बेहतरीन होती हैं कि यहाँ से निकालने के बाद बच्चों के करियर की आधी टेंशन खुद-ब-खुद ही खत्म हो जाती है. यहाँ तक की इन स्कूल्स का ट्रैक रिकार्ड भी इतना अच्छा है की हर साल इन स्कूल्स से निकले बच्चे देश विदेश में IAS, IPS, डॉक्टर, इंजीनियर, और उच्च अधिकारी बनते हैं. ऐसे में अगर आप भी इस उधेड़-बुन में हैं की आखिर अपने बच्चे का दाखिला किस स्कूल में कराएँ की उनके करियर की कोई टेंशन ना हो.
जवाहर विद्या मंदिर (JVM)
रांची के मेकॉन क्षेत्र में स्थित जवाहर विद्या मंदिर शहर के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने स्कूलों में गिना जाता है. इस स्कूल की पहचान अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और शानदार परिणामों के लिए है. यहां नर्सरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई कराई जाती है और स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है.
इस स्कूल की खास बात यह है कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी यहीं से अपनी शुरुआती शिक्षा प्राप्त की थी. वर्ष 1972 में स्थापित यह सह-शिक्षा संस्थान आज भी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है. आधुनिक क्लासरूम, अनुभवी शिक्षक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर जोर इसे खास बनाते हैं.
नेतरहाट विद्यालय
झारखंड की शान कहे जाने वाला नेतरहाट विद्यालय राज्य ही नहीं, बल्कि देश के चुनिंदा आवासीय स्कूलों में शामिल है. वर्ष 1954 में स्थापित यह स्कूल प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है, जो पढ़ाई के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है.
यहां कक्षा 6 से पढ़ाई शुरू होती है और छात्रों का चयन कठिन प्रवेश परीक्षा के जरिए किया जाता है. परीक्षा हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली भाषाओं में आयोजित होती है. नेतरहाट विद्यालय ने अब तक कई आईएएस, आईपीएस, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी देश को दिए हैं. यहां पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता पर भी खास ध्यान दिया जाता है.
दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS)
रांची के धुर्वा स्थित सेल टाउनशिप में मौजूद दिल्ली पब्लिक स्कूल, डीपीएस सोसाइटी का एक प्रमुख संस्थान है. इस स्कूल में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है और यह भी सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है. 1989 में स्थापित यह स्कूल आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम, खेल सुविधाओं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए जाना जाता है. पढ़ाई के साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर देना इसकी सबसे बड़ी खासियत है.
इन स्कूलों की पहचान सिर्फ अच्छे रिजल्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां से निकलने वाले छात्र देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाते हैं. ऐसे में अगर किसी छात्र को इन स्कूलों में पढ़ने का मौका मिल जाए, तो करियर की मजबूत नींव तय मानी जाती है.
