पलामू (PALAMU): राज्य में आपने एक से बढ़कर एक दरोगा बाबू के किस्से सुने होंगे, पर पलामू से इस बार एक ऐसे वर्दी वाले साहब चर्चा में आए हैं जिन्होंने ना कोई बड़ी सफलता हासिल की है, नाही किसी बड़े अपराधी को पकड़ा. बल्कि मजरा तो यहाँ रील्स से जुड़ा हुआ है. दरअसल इन दिनों पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र से दरोगा जी का एक रील खूब वायरल हो रहा है.
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक महिला थाना परिसर के भीतर गाने पर रील बनाती नजर आ रही है. हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि इस वीडियो में थाना में पदस्थ एक दरोगा भी महिला के साथ रील बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. इस रील के वायरल होने के बाद सरकारी दफ्तर और वर्दी की गरिमा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
गौरतलब है कि कार्मिक विभाग ने 4 फरवरी 2025 को सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की थी. इन निर्देशों के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे WhatsApp, X और Instagram पर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से मना किया गया है, जो सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरुद्ध हो.
गाइडलाइन में यह भी साफ किया गया है कि कार्यालय अवधि के दौरान निजी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके अलावा, कार्यस्थल से जुड़ी किसी भी गतिविधि को फोटो या रील के माध्यम से साझा करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. अब सवाल यह उठ रहा है कि स्पष्ट नियमों के बावजूद इस तरह की घटनाएं आखिर क्यों सामने आ रही हैं और क्या संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी.
