टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया के उन पवित्र रिश्तों में से एक है जहां स्वार्थ, लोभ, लालच और प्रतिस्पर्धा नहीं होती. पति-पत्नी का रिश्ता ऐसा अटूट रिश्ता माना जाता है जहां सात फेरों के बाद दोनों सात जन्मों के बंधन में बांध जाते हैं. पति-पत्नी ना सिर्फ एक दूसरे के साथ रहते हैं बल्कि जीवन के हर सुख दुख के भागीदार होते हैं. साथ ही पति अपनी पत्नी की हर जरूरत और उसकी रक्षा का उत्तरदायी होता है. पर क्या आपने कभी सोच है की जिस पति ने अपनी पत्नी की रक्षा करने का वचन लिया हो, वहीं जब उसकी आबरू उसकी इज्जत के साथ खिलवाड़ करने लगे तो एक औरत के पास क्या रास्ता बचेगा.
बेशक आपको सुनकर अजीब लगेगा पर यह कोई कहानी नहीं बल्कि सच है जहां एक पति ने अपनी ही पत्नी की प्राइवेट फ़ोटोज़ और वीडियो वायरल करने की सोची. दरअसल जब पति पत्नी एक साथ अपना निजी वक़्त बीताते थे उस वक़्त पति उन पलों को रिकार्ड किया करता था. पत्नी के माना करने पर वह ये दलील देता था ‘की जब तुम मेरे पास नहीं रहोगी तब इन पलों को मैं देखा करूंगा’. वहीं कुछ समय बाद आरोपी पति अपनी पत्नी की प्राइवेट फ़ोटोज़ सोशल मीडिया पर साझा करने लगा था. हालांकि उसकी सनक यहीं तक नहीं रुकी और उसने गाँव की अन्य लड़कियों को भी झासे में लेकर उनकी भी फ़ोटोज़ मँगवाई और उन्हें भी सोशल मीडिया पर वायरल करने लगा.
मामला तब बिगड़ा जब पत्नी ने थाने में लिखित शिकायत करवाई. मामला बिहार के दरभंगा जिले का है जहां पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो अपनी पत्नी सहित कई युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने का आरोपी है. आरोपी पति करीबन एक साल से फरार था और खुफिया जानकारी के आधार पर मुंबई से पकड़ाया है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत मानपुर गांव का निवासी है. जांच में सामने आया कि उसने केवल अपनी पत्नी तक सीमित नहीं रहते हुए गांव की कई अन्य युवतियों की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी ऑनलाइन साझा किए थे. इस मामले की शुरुआत पत्नी की शिकायत से हुई थी. दरभंगा साइबर थाना में दर्ज शिकायत में पत्नी ने कहा कि उसकी निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल की जा रही हैं.
साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था, लेकिन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया. उन्होंने आम जनता से अपील की कि इस तरह की घटनाओं में मानसिक तनाव में न आएं और तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं.
डीएसपी ने स्पष्ट किया कि फर्जी आईडी, छिपे हुए अकाउंट या डिजिटल माध्यम का दुरुपयोग कर अपराध करने वाले कानून से बच नहीं सकते. साइबर पुलिस लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के जरिए ऐसे अपराधियों तक पहुंच रही है, ताकि ऑनलाइन अपराध को रोका जा सके और पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके. यह गिरफ्तारी डिजिटल अपराधों के खिलाफ प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है, जो दर्शाता है कि साइबर अपराधियों को कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है.
