TNP DESK : 1993 का वर्ष आधुनिक डिजिटल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ जब CERN ने World Wide Web (WWW) को सार्वजनिक उपयोग के लिए पूरी तरह मुफ्त घोषित कर दिया. यह निर्णय केवल एक तकनीकी घोषणा नहीं था बल्कि इसने पूरी दुनिया में सूचना के आदान-प्रदान, संचार और ज्ञान के प्रसार का स्वरूप ही बदल दिया.
30 अप्रैल 1993
वर्ल्ड वाइड वेब का मूल विकास ब्रिटिश वैज्ञानिक Tim Berners-Lee ने 1989 में CERN में कार्य करते हुए किया था. उनका उद्देश्य था कि दुनिया भर के वैज्ञानिक आसानी से एक-दूसरे के साथ जानकारी साझा कर सकें. इसके लिए उन्होंने हाइपरटेक्स्ट सिस्टम, वेब ब्राउज़र और वेब सर्वर जैसी तकनीकों का विकास किया. 1991 में यह सिस्टम सीमित स्तर पर उपलब्ध हुआ लेकिन 30 अप्रैल 1993 को CERN ने इसे सभी के लिए बिना किसी शुल्क के खोल दिया.
इंटरनेट को जन-जन तक पहुंचाने की नींव
इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव यह हुआ कि इंटरनेट अब केवल वैज्ञानिकों या सैन्य संस्थानों तक सीमित नहीं रहा बल्कि आम लोगों के लिए भी सुलभ हो गया. जब WWW को मुफ्त किया गया तो डेवलपर्स, कंपनियां और आम उपयोगकर्ता बिना किसी लाइसेंस शुल्क के वेबसाइट बना सकते थे नई सेवाएं विकसित कर सकते थे और वैश्विक स्तर पर संवाद स्थापित कर सकते थे. यही वह क्षण था जिसने इंटरनेट को जन-जन तक पहुंचाने की नींव रखी.
इंटरनेट का विस्तार तेज़ी से होने लगा
इसके बाद इंटरनेट का विस्तार तेज़ी से होने लगा. 1990 के दशक के मध्य तक हजारों वेबसाइट्स बन चुकी थीं और धीरे-धीरे ई-कॉमर्स, ऑनलाइन शिक्षा, सोशल मीडिया और डिजिटल संचार के नए युग की शुरुआत हुई. आज जिन प्लेटफॉर्म्स का हम रोज़ इस्तेमाल करते हैंजैसे सर्च इंजन, सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ऑनलाइन शॉपिंग इन सभी की जड़ें उसी फैसले में छिपी हैं.
इंटरनेट की सबसे बड़ी ताकत
CERN का यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने इस तकनीक पर कोई पेटेंट या नियंत्रण नहीं रखा. अगर वे चाहते तो WWW से आर्थिक लाभ कमा सकते थे लेकिन उन्होंने इसे मानवता के हित में मुक्त रखने का फैसला किया. यही खुलापन और स्वतंत्रता इंटरनेट की सबसे बड़ी ताकत बन गई.
मानवता के विकास का माध्यम
आज वर्ल्ड वाइड वेब दुनिया की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और शासन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है. अरबों लोग रोज़ाना इसका उपयोग करते हैं. 1993 का वह ऐतिहासिक कदम यह साबित करता है कि जब ज्ञान और तकनीक को साझा किया जाता है तो वह पूरी मानवता के विकास का माध्यम बन जाती है.