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सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वालों को इनाम देगी सरकार, नपेंगे पुलिस अगर बेवजह किया परेशान

BY -
Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 11:24:27 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): केंद्र सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राह-वीर योजना को लागू किया है. यह योजना 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी. इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद आम नागरिकों को बिना डर के आगे आकर घायलों की जान बचाने के लिए प्रेरित करना है.

योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को हादसे के एक घंटे के भीतर, यानी गोल्डन आवर, में अस्पताल पहुंचाकर इलाज में मदद करता है और उसकी जान बच जाती है, तो उसे राह-वीर के रूप में सम्मानित किया जाएगा. ऐसे राह-वीर को केंद्र सरकार की ओर से 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.

केंद्र सरकार ने गंभीर सड़क दुर्घटना की स्पष्ट परिभाषा भी तय की है. इसमें ऐसे हादसे शामिल किए गए हैं, जिनमें पीड़ित को बड़ी सर्जरी करानी पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़े, दिमाग या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई हो या इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई हो.

यदि एक ही घायल की जान बचाने में एक से अधिक लोग मदद करते हैं, तो 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि सभी राह-वीरों के बीच बराबर बांटी जाएगी. वहीं, अगर कोई व्यक्ति एक से अधिक घायलों की जान बचाता है, तो उसे प्रत्येक पीड़ित के लिए अलग-अलग 25 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा. हालांकि एक व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम पांच बार ही राह-वीर के रूप में सम्मानित किया जा सकेगा.

इसके अलावा, हर साल देशभर से चुने गए सर्वश्रेष्ठ दस राह-वीरों को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान दिल्ली में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें प्रमाण पत्र, ट्रॉफी के साथ-साथ एक लाख रुपये की नकद राशि भी दी जाएगी. इनका चयन केंद्र स्तर पर गठित मूल्यांकन समिति द्वारा किया जाएगा.

राह-वीर के चयन की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है. यदि राह-वीर सबसे पहले पुलिस को दुर्घटना की सूचना देता है, तो डॉक्टर से पुष्टि के बाद पुलिस उसे एक लिखित रसीद प्रदान करेगी. इस रसीद में राह-वीर का नाम, मोबाइल नंबर, पता, घटना का स्थान, तारीख, समय और घायल की मदद का पूरा विवरण दर्ज होगा. यह जानकारी संबंधित जिले की मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी. यदि राह-वीर घायल को सीधे अस्पताल ले जाता है, तो अस्पताल प्रशासन पुलिस को सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराएगा.

योजना की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर दो स्तर पर समितियों का गठन किया गया है. राज्य स्तर पर एक निगरानी समिति बनाई जाएगी, जिसमें गृह, स्वास्थ्य, ट्रैफिक और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. वहीं जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति गठित होगी, जिसमें पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन और जिला परिवहन पदाधिकारी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे.

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