टीएनपी डेस्क(TNP DESK): उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से शादी में कथित धोखाधड़ी और फर्जी पहचान का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला अधिवक्ता की शादी उस समय विवाद और हंगामे में बदल गई, जब दुल्हन ने मंडप में बैठे दूल्हे को पहचानने से इनकार कर दिया. युवती का आरोप है कि जिस व्यक्ति से वह महीनों से बात कर रही थी, उसने खुद को राहुल मिश्रा नाम का फौजी बताया था, लेकिन शादी के दिन बारात लेकर पहुंचा युवक कोई दूसरा निकला. जैसे ही यह राज खुला, शादी समारोह में अफरा-तफरी, बहस और मारपीट शुरू हो गई.
बताया जा रहा है कि शाहाबाद क्षेत्र की रहने वाली महिला अधिवक्ता की पहचान सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए एक युवक से हुई थी. युवक ने खुद को भारतीय सेना में तैनात बताया और अपना नाम राहुल मिश्रा बताया था. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और रिश्ता शादी तक पहुंच गया. परिवार वालों ने भी युवक की बातों पर भरोसा करते हुए रिश्ते को मंजूरी दे दी. इसके बाद मध्य प्रदेश के छतरपुर से बारात हरदोई पहुंची और शादी की तैयारियां शुरू हो गईं.
मंगलवार देर रात जयमाल की रस्म की तैयारी चल रही थी. इसी दौरान दुल्हन की नजर दूल्हे पर पड़ी तो उसे शक हुआ. युवती के अनुसार, जिस युवक से वह वीडियो कॉल और चैट पर बात करती थी, सामने बैठा व्यक्ति उससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा था. शक बढ़ने पर दुल्हन ने दूल्हे से सवाल पूछना शुरू किया. काफी देर तक पूछताछ के बाद दूल्हे ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका असली नाम राहुल मिश्रा नहीं, बल्कि देवेंद्र सिंह परिहार है.
यह सुनते ही शादी समारोह का माहौल पूरी तरह बदल गया. दुल्हन पक्ष के लोगों और वहां मौजूद वकीलों में गुस्सा फैल गया. आरोप लगाया गया कि युवती और उसके परिवार को झूठी पहचान बताकर धोखे में रखा गया. देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मंडप में ही मारपीट शुरू हो गई. कई बारातियों की पिटाई की गई और समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई.
सूचना मिलते ही शाहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया. पुलिस ने दूल्हे समेत करीब नौ लोगों को हिरासत में ले लिया. वहीं घायल दूल्हे को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. महिला अधिवक्ता ने पुलिस को दिए बयान में आशंका जताई कि मामला केवल फर्जी पहचान बताकर शादी करने का नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह या मानव तस्करी जैसी साजिश की संभावना भी हो सकती है.
हालांकि हिरासत में लिए गए देवेंद्र सिंह परिहार ने खुद को निर्दोष बताया है. उसका दावा है कि वह और युवती पिछले कई महीनों से लगातार संपर्क में थे और दोनों की सहमति से शादी तय हुई थी. उसने कहा कि युवती ने ही उसे शादी के लिए बुलाया था और बारात का स्वागत भी किया गया था. देवेंद्र ने राहुल मिश्रा नाम के किसी व्यक्ति को जानने से इनकार किया है.
फिलहाल पुलिस ने युवती की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. जांच टीम मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर युवती की बातचीत किस व्यक्ति से हो रही थी और शादी में दूसरा युवक क्यों पहुंचा. पूरे मामले की हर एंगल से जांच जारी है.