टीएनपी डेस्क(TNP DESK):एक साल में 24 एकादशी पड़ती है. एक शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है तो वहीं दूसरी कृष्ण पक्ष की होती है. एक महीना में आने वाली दो एकादशी का महत्व अलग-अलग होता है.वही माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाले षटतिला एकादशी का अपना एक अलग महत्व होता है.ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तिल से पूजा करने से सुख संपत्ति की प्राप्ति होती है.इस दिन किये गये दान का दुगुना फल मिलता है. ऐसे में चलिए जान लेते है साल 2026 की पहली एकादशी किस दिन पड़ रही है.
इस दिन पड़ रही है साल 2026 की पहली एकादशी
आपको बताए कि इस साल की पहली एकादशी तिथि का आरंभ 13 जनवरी को दोपहर में 3 बजकर 18 मिनट पर होगा और 14 फरवरी को शाम में 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. उदय तिथि के अनुसार, एकादशी का व्रत 14 फरवरी के दिन ही रखा जाएगा.इस बार की एकादशी अपने आप में खास है क्योंकि षटतिला एकादशी के साथ मकर संक्रांति का भी शुभ संयोग है.
ये है पूजा की सही विधि
वैसे तो सभी लोग एकादशी की पूजा करते है लेकिन इसकी सही विधि कुछ लोगों को ही पता होती है.ऐसे में चलिए आज हम आपको षटतिला एकादशी के पूजा की सही विधि बताते है.जो भी षटतिला एकादशी का व्रत रखेंगे उनको सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करना है.यदि आप नदी जाकर स्नान कर सकते है तो यह अति उत्तम है. यदि वहां नहीं जा सकते तो घर में ही स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें.वही इसके बाद एक चौकी पर पीले रंग के वस्त्र को बिछाएं और उस पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु के प्रतिमा को स्थापित करें.
तिल गुड़ के लड्डू भोग लगाएं
वही इसके बाद धूप, अगरबत्ती फूल आदि से पूजा करें और तिल गुड़ के बने लड्डू भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को भोग लगाएं और उसी को प्रसाद के रूप में सभी लोगों को बांटें.ऐसा करने से आपके सभी पाप धुल जाते है और आपको धन-धान्य की प्राप्ति होती है.ऐसा माना जाता है कि एकादशी का व्रत आपके जन्म के पापों के बंधन से मुक्त करता है.इस दिन तिल गुड़ का भोग लगाने से आपके जीवन में सुख समृद्धि आती है.
