☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  1. Home
  2. /
  3. Trending

लाल आतंक का खात्मा करीब! 1.19 करोड़ के इनाई 63 कुख्यात नक्सलियों ने डाला हथियार

लाल आतंक का खात्मा करीब! 1.19 करोड़ के इनाई 63 कुख्यात नक्सलियों ने डाला हथियार

TNPDESK: नक्सलियों का किला अब दरकने लगा है. सुरक्षा बल के जवानों की बढ़ती दबिश ने माओवादियों को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया. अब फिर दंतेवाड़ा में 63 कुख्यात माओवादियों ने आत्म समर्पण कर दिया. इनमें 18 महिला नक्सली भी शामिल है.सभी 1.19 करोड़ के इनामी है. अब सभी ने हथियार डाल कर नई शुरुआत की है. दंतेवाड़ा में पुलिस अधिकारियों ने नक्सलियों का स्वागत किया है. साथ ही अब उन्हे सरकार की योजनाओं से जोड़ने की पहल की है. साथ ही सुरक्षा का भरोसा दिया है.

सुरक्षा बल के जवानों की बढ़ी दबिश

बस्तर रेंज में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर इस इलाके में नक्सलियों को कंट्रोल कर लिया तो फिर पूरे राज्य में नक्सलवाद पर लगाम लग जाएगा. इसी बस्तर में कई बड़े नक्सली सक्रिय रहे. लेकिन हाल के दिनों में नक्सलियों का किला दरक रहा है. कई इनामी नक्सली मुठभेड़ में मारे गए. या फिर हथियार डाल कर मुख्यधारा में लौट गए. जिसे एक बड़ी कामयाबी नक्सल अभियान में मानी जा रही है.

सरेंडर करने वाले दूसरे राज्य के भी नक्सली

दंतेवाड़ा में आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों में कई दूसरे राज्य के भी शामिल है. इसमें  पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती और उनकी पत्नी सुमित्रा कड़ती ने भी हथियार डाला है. इस आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों में कई बरास देवा के बटालियन के भी सदस्य शामिल है.

पुलिस अधिकारी से किया संपर्क

सभी ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया जिसके बाद पुलिस ने तैयारी की और फिर सभी को सरेंडर करवा रहा है. पुलिस अधीक्षक ने माना कि एक बड़ी उपलब्धि है. एक साथ इतने नक्सलीय मुख्य धारा में लौटे है. उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी हथियार डाल कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है. उन्होंने कहा कि शासन की नीती का फायदा उठा कर नई ज़िंदगी की शुरुआत करें.

2026 के शुरुआत से बड़ी कामयाबी मिली

बता दे कि साल 2026 के शुरुआत से ही सुरक्षा बल के जवानों को कामयाबी मिल रही है. पहले दक्षिण बस्तर के बीजापुर-सुकमा इलाके में 2 जनवरी को 14 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया. जिसमें 15 लाख के इनामी भी शामिल थे. फिर इसके दूसरे ही दिन PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख बारस देवा ने अपने साथियों के साथ तेलंगाना में हथियार डाल कर मुख्यधारा में लौट गया.

यह बताने को काफी है कि कैसे सुरक्षा बल के जवानों की कार्रवाई तेज है और नक्सली इससे डर और दहशत में है. अब महज कुछ ही बड़े कैडर बचे है. जो हथियार लेकर घूम रहे है.

लेकिन गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि 31 मार्च 2026 के बाद कोई नक्सलवाद का नाम लेने वाला भी नहीं बचेगा. यानि पूरे देश से नक्सलवाद का नाम खत्म करने का दावा किया है. और तय टारगेट के मुताबिक जवान कार्रवाई कर रहे है.                                        

Published at: 09 Jan 2026 04:20 PM (IST)
Tags:The end of Red Terror is near! 63 notorious Naxalites surrendered after receiving a reward of Rs 1.19 crore.naxalhidmaHidma newsNaxal operationJharkhandBastar newsBastar updateBastar ka newsJhakrhand newsnaxal surrender
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.