टीएनपी डेस्क (TNP DESK): इस दुनिया में जहां किसी ने भगवान को नहीं देखा है वहाँ खुद को गॉडमैन बताने वालों पर लोग आँख बंद कर भरोसा कर लेते हैं. पर क्या अपने कभी ये सोचा है कि जिस धर्म के ज्ञाता को हम सबसे ऊंचा दर्जा दे रहे हैं वहीं धर्म का नहीं बल्कि जिस्म का ठेकेदार बन जाए, तो क्या होगा. बेशक सुनकर अजीब लगा हो पर यह कोई कहानी नहीं बल्कि सच्चाई है, जहां खुद को गॉडमैन कहने वाले का काला सच उजागर हुआ है.
मामला नासिक का है जहां एक व्यक्ति ने लोगों की आस्था और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खुद को ज्योतिषी और ‘गॉडमैन’ बताने वाला अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन खरात’ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. उस पर सेक्स रैकेट चलाने और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
धार्मिक आस्था के नाम पर शोषण
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने “दैवीय शक्तियों” और धार्मिक अनुष्ठानों का सहारा लेकर एक 35 वर्षीय महिला को अपने जाल में फंसाया. आरोप है कि नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 के बीच महिला को नशीला पदार्थ देकर कई बार दुष्कर्म किया गया. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
छापेमारी में मिले आपत्तिजनक सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के ऑफिस ‘ओक्स प्रॉपर्टी डीलर’ पर छापा मारा. यहां से एक पेन ड्राइव बरामद हुई, जिसमें 58 आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स मिली हैं. पुलिस को आशंका है कि इन वीडियो में कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं. सभी क्लिप्स को फिलहाल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
ब्लैकमेलिंग का संगठित नेटवर्क
मामले की जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था. उसके पूर्व कर्मचारी नीरज जाधव पर महिलाओं को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने का आरोप है. शिर्डी में उसके खिलाफ रंगदारी का मामला भी दर्ज बताया जा रहा है. इससे पूरे मामले के एक बड़े संगठित गिरोह से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी पहले मर्चेंट नेवी में काम करता था. बाद में उसने ज्योतिष और अंकशास्त्र के जरिए अपनी पहचान बनाई और धीरे-धीरे खुद को ‘गॉडमैन’ के रूप में स्थापित कर लिया. बताया जाता है कि उसके कई प्रभावशाली लोगों से संबंध थे और बड़ी संख्या में लोग उससे संपर्क करते थे.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने पिछले 15 वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की. छापेमारी के दौरान कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.
SIT करेगी गहन जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. इस टीम की कमान तेजस्विनी सतपुते को सौंपी गई है. फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंधविश्वास के नाम पर कैसे लोगों को ठगा और शोषित किया जा सकता है. पुलिस अब इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में लगी हुई है.