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बजट पूर्व सर्वदलीय बैठक से विपक्ष का बहिष्कार, अब क्या होगा विपक्ष का मुख्य हथियार? देखिये, विपक्ष की तैयारियों को खंगालती यह रिपोर्ट

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 10:52:43 PM

रांची(RANCHI): 27 फरवरी से शुरु होने वाली बजट सत्र से पहले झारखंड विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री के द्वारा आहूत सर्वदलीय बैठक का विपक्ष ने बहिष्कार किया है. इसके साथ ही बजट सत्र का हंगामेदार रहने की उम्मीद आशंका बलवती हो गयी है.

विपक्ष के सवालों के लिए सरकार तैयार- सीएम हेमंत

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्रनाथ महतो के द्वारा सत्र का सुचारु संचालन के लिए आश्वस्त किया गया है. इधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी बजट सत्र को लेकर सरकार की तैयारियों को सामने रखते हुए कहा कि हम विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, सदन के पटल पर जो भी मामले आयेंगे, सरकार की कोशिश उसका समाधान ढूंढ़ने की होगी.

विपक्ष के द्वारा सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार पर तंज कसते हुए सीएम हेमंत ने कहा कि यह विपक्ष की समस्या है, इसका जवाब भी उन्ही को देना होगा. लेकिन जहां तक सरकार का प्रश्न है, वह किसी भी सवाल का सामना करने को तैयार है, विपक्ष सवाल तो खड़ा करे.

विपक्ष के बहिष्कार के राजनीतिक संकेत

विपक्ष के द्वारा सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार से कई प्रश्न उठ रहे हैं. लेकिन यह आम रुप से यह माना जा रहा है कि विपक्ष के द्वारा भले ही सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया गया हो, लेकिन सदन के अंदर विपक्ष सरकार को घेरने में की कोई कसर नहीं छोड़ेगी.  वह पूरी तैयारी और रणनीति के साथ विधान सभा में आयेगी.

क्या होगा विपक्ष का मुख्य हथियार

माना जाता है कि विपक्ष राज्य सरकार की नियोजन नीति का हाई कोर्ट में दम तोड़ देना, 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति को राज्यपाल के द्वारा वापस किये जाने को मुख्य हथियार बना सकती है. इसके साथ अभियंता वीरेन्द्र राम की काली कमाई और उसके राजनीतिक संरक्षण को मुद्दा बना कर सरकार को घेरने की रणनीति बनायेगी. मंत्री आलमगीर आलम के द्वारा वीरेन्द्र कुमार राम को सुरक्षा प्रदान करने के लिए डीआईजी को लिखा गया पत्र पर भी हंगामा खड़ा होने आसार हैं.

छात्रों और अभ्यर्थियों की नाराजगी को विधान सभा में स्वर देने की कोशिश

उसकी कोशिश नियोजन नीति के रद्द होने के बाद छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच पनप रहे आक्रोश को वह विधान सभा में स्वर देने की भी होगी. राज्य के कई हिस्सों से रेप की घटनाएं, पांकी की घटना, गिरती कानून व्यवस्था कुछ और अहम मुद्दे होंगे.

पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक संघ कर्मियों पर लाठी चार्ज

एआरएचएम और एनएचएम कर्मियों के द्वारा पिछले एक माह से राजभवन के सामने धरना, पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक संघ कर्मियों पर लाठी चार्ज, जमशेदपुर में लव जिहाद की गूंज भी विधान सभा मे सुनने को मिल सकती है.

Tags:BjpHemant sorenनियोजन नीतिअभियंता वीरेन्द्र राम कबजट सत्रमंत्री आलमगीर आलम

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