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स्वामी प्रसाद मौर्या को मिली ‘भागवत की संजीवनी’, कहा अब रामचरित मानस की विवादित चौपाइयों को हटवाये आरएसएस

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 12:38:15 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): पिछले कुछ दिनों से रामचरित मानस की चौपाइयों को लेकर विवादों में रहे सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या को मोहन भागवत के एक बयान से संजीवनी मिल गयी है. अब स्वामी प्रसाद मौर्या ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की बातों का समर्थन करते हुए आरएसएस प्रमुख से रामचरित मानस से दलित, पिछड़ों की भावनाओं को कथित रुप से आहत करने वाली चौपाइयों को हटवाने की मांग की है.

मानस की चौपाइयों को लेकर लगातार बयान दे रहे थें स्वामी प्रसाद मौर्या

दरअसल स्वामी प्रसाद मौर्या हाल के दिनों रामचरित मानस की कुछ चौपाइयों को उद्धृत करते हुए इसे दलित पिछड़ों की भावनाओं को आहत देने वाला बता रहे हैं, उनका दावा है कि यह चौपाइयां समाज के दलित पिछड़ों के प्रति नफरत की भावना पैदा करता है, समाज में ऊंच नीच की भावना का संचार करता है. इसको लेकर उनके द्वारा यूपी की राजनीतिक फिजा का लगातार गरम किया जा रहा था, 

संघ प्रमुख के बयान से स्वामी प्रसाद को मिली ताकत

संघ प्रमुख मोहन भावगत के बयान से स्वामी प्रसाद मौर्या को ताकत मिल गयी, उन्होंने संघ प्रमुख के बयान का अपनी बातों का समर्थन माना. ध्यान रहे कि संत कवि रविदास की जयंती के अवसर संघ प्रमुख ने यह कह कर सब को चौंका दिया था कि ईश्वर ने तो हम सबको इंसान ही बनाया था, यह तो पंडित पुरोहित वर्ग है, जिसके द्वारा अपने स्वार्थों के लिए जाति और वर्ण का इजाद किया गया और इसके कारण समाज में नफरत की भावना फैली, ऊंच-नीच की भावना का प्रसार हुआ, उन्होंने कहा था कि हमें इस सबसे उपर उठ कर एक समरस समाज का निर्माण करना होगा, उन्होंने संत कवि रविदास को याद करते हुए कहा था कि संत कवि रविदास की इस समानता की लड़ाई को महात्मा फूले और बी.आर. अम्बेडर ने आगे बढ़ाया और सामाजिक समानता की लड़ाई लड़ी.

मोहन भागवत का बयान, दलित पिछड़ों की भावना को समझने की कोशिश

माना जाता है कि मोहन भागवत ने यह बयान देकर समाज के दलित और पिछड़ों में उठ रहे अलगाव की भावना को समझने की कोशिश की थी, साथ ही हिन्दू समाज को दलितों की भावनाओं को समझने के लिए प्रेरित किया था.

संघ प्रमुख का बयान स्वागत योग्य 

जब मोहन भागवत के इस बयान की ओर स्वामी प्रसाद मौर्या का ध्यान दिलाया गया तो स्वामी प्रसाद मौर्या ने आगे बढ़कर संघ प्रमुख की बातों का समर्थन किया, और कहा कि मोहन भागवत का बयान दुरुस्त है, लेकिन इसके साथ ही उनके द्वारा आरएसएस प्रमुख से मानस की कथित विवादित चौपाइयों को हटवाने का आग्रह भी किया गया. स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि अब यह आरएसएस की जिम्मेवारी है कि वह आगे बढ़कर इन चौपाइयों को मानस से हटवाने का कार्य करें.

रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार 

Tags:Swami Prasad MauryaBhagwat ki SanjivaniRSS should remove the disputedRamcharit Manas

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