✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

सूर्या एनकाउंटर : किसकी गोली से मरा सूर्या, SP द्वारा पुलिस की मुस्तैदी का दावा तो फिर कैसे हथियार छीनकर भागने लगा सूर्या!

BY -
Pancham Jha Dumka
Pancham Jha Dumka
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 4:58:18 AM

दुमका (DUMKA) : सूर्य नारायण हांसदा उर्फ सूर्या हांसदा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. गोड्डा ही नहीं संताल परगना प्रमंडल के अन्य जिलों में भी लगभग दो दशक से अपराध जगत का जाना पहचाना नाम था सूर्या. सूर्या के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2008 के करीब जब सूर्या के घर की कुर्की जप्ती की गई थी तो तत्कालीन एसपी राकेश बंसल ने लगभग एक दर्जन थाना की पुलिस को भेजा था. वर्तमान एसपी मुकेश कुमार भी बता रहे है कि सूर्या द्वारा साहेबगंज के डीएसपी पर हमला किया गया था.

अपराध के रास्ते राजनीति में किस्मत चमकाने की फिराक में था सूर्या

भारत में राजनीति का अपराधीकरण तो दशकों पूर्व हो चुका है. ऐसे अनगिनत नाम है जो आज जनता के सेवक बने हुए है.  जब उनके इतिहास को खंगालेंगे तो एक दौर ऐसा भी मिलेगा जब आज के जनसेवक के नाम का खौफ रहता था. अपराध की दुनिया में नाम कमाने वाला सूर्या हांसदा की मां जिला परिषद सदस्य चुनी गई थी. मां की जीत ने सूर्या की महत्वाकांक्षा को बढ़ा दिया. वह विधायक बनने का ख्वाब देखने लगा.

बोरियो विधान सभा क्षेत्र से चार बार चुनाव लड़ चुका था सूर्या

धीरे धीरे वह तत्कालीन झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के संपर्क में आया.  वर्ष 2009 और 2014 का चुनाव बोरियो विधान सभा क्षेत्र से झाविमो के टिकट पर लगा लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. वर्ष 2019 के चुनाव के पूर्व वह भाजपा में शामिल हो गया. भाजपा ने प्रत्याशी बनाकर बोरियो विधान सभा क्षेत्र में उतार दिया लेकिन सूर्या की किस्मत दगा दे गई. 2024 के चुनाव में भाजपा ने लेविन हेंब्रम को प्रत्याशी बनाया तो सूर्या जयराम के शरण में चला गया और JLKM प्रत्याशी बन कर मैदान में उतर गया. इस तरह चार बार विधान सभा चुनाव लड़ा लेकिन हर बार पराजय का सामना करना पड़ा.

दो दर्जन से अधिक मामला दर्ज था सूर्या पर

पुलिस की माने तो गोड्डा के ललमटिया, बोआरीजोर और साहिबगंज के मिर्जा चौकी सहित अन्य थाना क्षेत्रों में सूर्या आपराधिक घटना को अंजाम देता रहा. उसके खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा मामला दर्ज था. उसने एक संगठित गिरोह बना लिया था. सूर्या के एक इशारे पर उसके गुर्गे किसी भी घटना को अंजाम दे सकता था. पुलिस सूर्या की गिरफ्तारी का हर संभव प्रयास करने लगी. इसी बीच पुलिस ने रविवार को देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद से ही परेशान थे परिजन

गिरफ्तारी के बाद ही परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई थी. इस बीच सोमवार की सुबह खबर आई कि एनकाउंटर में सूर्या मारा गया. सोमवार दिन भर गहमा गहमी के बाद शाम में गोड्डा एसपी मुकेश कुमार ने प्रेसवार्ता के माध्यम से सूर्या हांसदा की मुठभेड़ की पूरी कहानी मीडिया के समक्ष रखा. करीब 6 मिनट के एसपी के बयान में कई ऐसे बिंदु है जिसपर सवाल खड़े हो रहे है.

The News Post किसी भी अपराध या अपराधी का समर्थन नहीं करता, लेकिन सवाल तो बनता है

The News Post किसी भी अपराध और अपराधी का समर्थन नहीं करता. मुठभेड़ हुई और सूर्या मारा गया. सूर्या के परिजन इसे फर्जी मुठभेड़ करार दे रहा है. मुठभेड़ असली था या फर्जी इसकी भी जांच होगी. मानवाधिकार आयोग की नजर भी इस मुठभेड़ पर होगी. पुलिस ने अपना काम किया, जांच एजेंसी अपना काम करेगी. लेकिन एसपी के बयान से जो सवाल खड़े हो रहे है, The News Post उन सवालों को सामने रख रहा है...

  1. रात के अंधेरे में मुठभेड़ हुई और सुबह सर्च अभियान के दौरान सूर्या मृत पाया गया. सवाल उठता है कि आखिर किसकी गोली से सूर्या मरा, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है. एसपी कहते है कि आधे घंटे तक दोनों तरफ से गोली चली.
  2. एसपी कहते है कि पुलिस को पहले से ही पता था कि सूर्या जब भी पकड़ा जाएगा तो पुलिस पर भी गोली चल सकती है. पुलिस इसके लिए पूरी तरह मुस्तैद थी कि अगर गोली चली तो पोजीशन लेकर आत्मरक्षार्थ गोली चलाना है.

सवाल उठता है कि जब पुलिस इतनी मुस्तैद थी तो फिर ऐसी नौबत क्यों आई. जब पुलिस के हाथ से हथियार छीनकर सूर्या भागने लगा तो फिर कैसे कह सकते है कि पुलिस मुस्तैद थी. क्या वैसे लापरवाह पुलिस पर भी कोई कार्रवाई होगी?

  1. सूर्या का जो खौफ और आपराधिक इतिहास रहा है उसके आधार पर कह सकते है कि गिरफ्तारी के पश्चात जब आर्म्स रिकवरी के लिए पुलिस उसे स्थल पर ले गई होगी तो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ले गई होगी. फिर सूर्या या उसका गैंग आपकी सुरक्षा व्यवस्था को आईना दिखा दिया. सूर्या के अलावे किसी भी अपराधी को गोली लगी हो ऐसा दावा भी पुलिस के तरफ से नहीं किया जा रहा है.
  2. कितनी राउंड गोली चली इस सवाल के जवाब में एसपी कहते है कि यह अनुसंधान का विषय है. चलिए मान लेते है कि यह अनुसंधान का विषय हो सकता है. स्थल से देशी कट्टा और देशी पिस्टल बरामद हुए. ऐसे में सवाल उठता है कि एक तरफ अत्याधुनिक हथियार से लैश झारखंड पुलिस के जवान और दूसरी तरफ देशी कट्टा और देशी पिस्टल से लैश सूर्या के गुर्गे. न किसी पुलिस कर्मी को खरोंच लगी और न ही सूर्या के किसी गुर्गे को गोली लगी. गोली किसे लगी तो सूर्या हांसदा को, वह सूर्या हांसदा जिसके बारे में परिजन का दावा है कि वह बीमार था.
  3. रात के अंधेरे में गोली चली. यूं कहें आधे घंटे तक दोनों तरफ से फायरिंग हुई. क्या किसी ने आवाज सुनी या घटना स्थल के आसपास के ग्रामीण गहरी नींद में सोए रहे. सुबह क्षेत्र में पुलिस की हलचल देख लोगों को पता चला.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी मुठभेड़ पर जताया संदेह

ऐसे में सवाल कई है. खुद पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस मुठभेड़ पर संदेह व्यक्त किया है. पुलिस के दावे और परिजनों के आरोप के बीच इन सवालों का जबाव कौन देगा यह अहम सवाल है, लेकिन उससे भी बड़ा सवाल यह है कि सूर्या हांसदा के बढ़ते राजनीतिक कद से किसे खतरा था.

 

Tags:Surya HansdaSurya Hansda encounterpolice encountercontested assembly electionsJVM and JLKMjharkhand newsbihar newsjharkhand bihar latest newstop local newsthenewspost"

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.