पटना (PATNA): दम तोड़ती सरकारी विद्यालत, नाले के पानी में तैरता स्कूल, आधार में लटकी बच्चों की पढ़ाई अब कैसे करेंगे अपने स्कूल का नाम रौशन. यह तस्वीर है राजधानी पटना की जहां पानी में तैरता स्कूल देखिये . साल में छह महीने स्कूल पानी में डूबा रहता है. बिहार में लगातार विकास के दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन उसी विकास के दावों की पोल खोल रही है बिहार की राजधानी पटना में एक पानी में तैरता सरकारी स्कूल. आपको बता दें कि राजधानी पटना से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सबलपुर पंचायत के फतेह जंगपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का यह मामला है. जहां साल में 6 महीने यह प्राथमिक स्कूल पानी में तैरता दिखाई देता है. क्योंकि जब मानसून का समय आता है तो यह स्कूल बारिश के पानी के वजह से डूब जाता है. हालांकि यहां पढ़ने वाले जितने भी बच्चे हैं उनको स्कूल के पास एक छोटे से बरामदे में ही पढ़ाया जाता है. विद्यालय से संबंधित कई बार शिकायत यहां के स्थानीय लोगों के द्वारा शिक्षा विभाग से की गई. परंतु आज तक इस विद्यालय का जीर्णोद्धार तक नहीं हो पाया. अब ऐसे में यहां के ग्रामीण काफी गुस्से में हैं. वह बताते हैं कि बिहार सरकार लगातार दावे करती है कि बिहार में विकास की बयार बह रही है. लेकिन वहीं इस स्कूल की दुर्दशा देखकर सत्ता में बैठे उन लोगों को शर्म तक नहीं आती है. अब ऐसे में इन छोटे बच्चों का क्या कसूर है जो इनको पढ़ने से रोक रही है. इन बच्चों का क्या कसूर है कि इनको पढ़ाई से वंचित रखा जाता है. इसकी जवाबदेहि किसकी है बच्चों के माता पिता की जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं पढ़ने के लिए या फिर उनकी जवाबदेहि है जो सत्ता के नशे में चूर होकर बैठे हैं और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं .
