✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

राजकीय जनजातीय हिजला मेला का हुआ उद्घाटन, हर तरफ दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक

BY -
Vinita Choubey  CE
Vinita Choubey CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 12:55:05 PM

दुमका (DUMKA) : दुमका शहर से सटे हिजला गांव में मयूराक्षी नदी के तट पर सदियों से एक मेला लगता है, जिसे हिजला मेला के नाम से जाना जाता है. ब्रिटिश काल में सन 1890 में HIS LAW नाम से इस मेला की शुरुआत हुई थी, जो कालांतर में हिजला के नाम से मेला लगने का सिलसिला जारी है. समय के साथ साथ मेला के नाम के साथ जनजातीय शब्द जुड़ा जिसे बाद में राजकीय मेला का दर्जा दिया गया.

निकाला गया उल्लास जुलूस, ग्राम प्रधान द्वारा किया गया मेला का उद्घाटन

मयूराक्षी नदी के तट पर लगने वाले राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव का शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन हो गया. उद्घाटन से पूर्व उल्लास जुलूस निकाला गया जिसमें काफी संख्या में आदिवासी समाज के लोग परंपरागत परिधान में परंपरागत वाद्य यंत्र के साथ शरिक हुए. ग्राम प्रधान सुनीलाल हांसदा द्वारा फीता काटकर मेला का उद्घाटन किया गया. मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अभिनव प्रकाश, जिला परिषद अध्यक्ष जायस बेसरा, उपाध्यक्ष सुधीर मंडल सहित काफी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे. सबों ने मिलकर दिसोम मरांग बुरू थान में पूजा अर्चना की.

कृषि विभाग की प्रदर्शनी है आकर्षण का केंद्र

कृषि विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बिंदु रहता है. यह प्रदर्शनी न केवल झारखंड की पारंपरिक कृषि पद्धति और जनजातीय जीवन शैली को दर्शाती है बल्कि नई तकनीक और सरकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूकता को बढ़ाती है.

अधिक से अधिक लोग यहां पहुंच कर गौरवशाली संस्कृति को देखें: डीडीसी

अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि इस मेले में यहां की संस्कृति, लोक संगीत की अद्भुत झलक देखने को मिलती है. संताल परगाना की संस्कृति, खान-पान, नृत्य, लोक संगीत सहित जनजातीय समाज से जुड़ी कई जानकारियां का यह मेला संगम है. पूरे मेला अवधि में संताल परगना की कला, संस्कृति की झलक, नवीन कृषि तकनीक देखने को मिलेगी जबकि सरकार की योजनाओं से अवगत कराने का यह बड़ा मंच साबित होगा. उन्होंने कहा कि इस मेले के आयोजन का इंतजार यहां के लोगों द्वारा पूरे वर्ष किया जाता है. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इस मेले में आए एवं यहां के गौरवशाली संस्कृति को देखें यही हमारा प्रयास है.

देखा जाए तो यह मेल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक संकुल की तरह है, जिसमें सिंगा, सकवा, मांदर, मदानभेरी जैसे परंपरागत वाद्य यंत्र की गूंज तो सुनने को मिलती ही है, झारखंडी लोक संस्कृति के अलावा अन्य प्रांतों के कलाकार भी अपनी कलाओं का प्रदर्शन करने पहुंचते हैं. बदलते समय के साथ इस मेले को भव्यता प्रदान करने की कोशिश सरकार द्वारा लगातार होती रही है. मेला क्षेत्र में कई आधारभूत संरचनाओं विकसित हो गई है जो मेले के उत्साह को दोगुना करने में सहायक साबित हो रहा है.

रिपोर्ट-पंचम झा

 

 

Tags:hijla melahijla mela 2023hijla mela dumkahijla tribal state fairtribal fairhijla mela dumka 2023government tribal hijla fair festivalhijla mela tribal fashion showhizla mela tribal museumtribal museum in hizla melahijla fairhizla mela 2023tribalhijla mela 2025tribal fashion show hizla mela 2023hizla mela dumka 2023hizla mela dumka#tribal tvdumka hijla mela 2023hijlatribal dancetribal toolstribal museumtribal donutsState Tribal Hijla Fair inauguratedtribal culture seen everywherearaku tribal culturetribal culturetribal cultural videostribal cookingtribal lifestyletribal videos in telugutribal vlogstribal festivaltribal food videoscultureglobal culturestribal customsfood culturetribal home tourtribal festtribal life

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.