टीएनपी डेस्क (TNP DESK): फाल्गुन पूर्णिमा यानि की आने वाली 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह आंशिक (खण्डग्रास) चंद्र ग्रहण होगा और भारत समेत एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में यह ग्रहण “ग्रस्तोदय” रूप में दिखेगा, यानी चंद्रोदय के समय चंद्रमा पहले से ग्रहणग्रस्त रहेगा.
सूतक कब से?
भारत में सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी माना जाएगा. चंद्र ग्रहण के कारण कई लोग धार्मिक नियमों का पालन करते हैं. इस बार ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में होगा. ऐसे में मान्यता है कि होलिका दहन 2 मार्च को करना शुभ रहेगा.
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
• उपच्छाया प्रवेश: दोपहर 2:13
• ग्रहण प्रारंभ: 3:20
• पूर्णता प्रारंभ: 4:34
• मध्य: 5:05
• पूर्णता समाप्त: 5:33
• मोक्ष (समापन): 6:48
• उपच्छाया अंत: 7:55
कुल ग्रहण अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट रहेगी, जबकि पूर्णता करीब 59 मिनट की होगी. हालांकि भारत में चंद्रोदय के बाद ही ग्रहण दिखाई देगा, इसलिए यहां इसकी दृश्य अवधि सीमित रहेगी.
भारत में कितनी देर दिखेगा?
दिल्ली में चंद्रोदय शाम 6:22 बजे होगा, इसलिए वहां ग्रहण लगभग 25 मिनट दिखेगा. जयपुर में चंद्रोदय 6:29 बजे और दृश्य अवधि करीब 18 मिनट रहेगी. उदयपुर में यह केवल 8 मिनट के लिए दिखाई देगा. पूर्वोत्तर राज्यों में यह अवधि लगभग 59 मिनट तक हो सकती है.
2026 में दो चंद्र ग्रहण
साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण होंगे, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का ग्रहण ही देखा जा सकेगा. 28 अगस्त को लगने वाला दूसरा ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा. होली से ठीक पहले लग रहा यह चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है.
