✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

आज भी महक रही और चहक रही हैं सरस्वती पुत्री लता दीदी, पहली पुण्यतिथि पर विशेष

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 4:24:47 PM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देखते ही देखते 1 साल गुजर गया. हर वक्त उनकी याद आती रही. यह अलग बात है कि अब वह इस नश्वर संसार में नहीं है, लेकिन कौन कहता है कि वह नहीं है. सभी कहते हैं वह यहीं हैं. अपने गीतों के माध्यम से लता दीदी आज भी हमारे बीच हैं और रहेंगी. 6 फरवरी, 2022 की वह मनहूस तारीख थी जिस दिन काल ने उन्हें हम लोगों से छीन लिया. आज एक साल हो गए हैं. पता नहीं चला कि कैसे समय बीत गया पर उनके जाने का दर्द आज भी है.

लता मंगेशकर के बारे में कोई कितना भी कुछ पहले बहुत कम पड़ता है.उनका व्यक्तित्व ही इतना बड़ा और महत्वपूर्ण रहा है कि हम सभी पक्ष को एक साथ इतने कम शब्दों में नहीं रख सकते. 28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर का संगीत में सफर आरंभ से संघर्षपूर्ण रहा. सरस्वती सुपुत्री सदृश्य लता दीदी ने हर तरह के गाने गाए. हिंदी के अलावा मराठी बंगाली गुजराती समेत कई भाषाओं में उन्होंने गीत गाए हैं भक्ति संगीत हो या देशभक्ति गीत सभी तेरा के गाने उनकी फेमस हुए.'ऐ मेरे वतन के लोगों,जरा आंख में भर लो पानी....' इस अमरजयी गीत से आज भी हम अपनी रंगों मैं देश भक्ति के तरंग को उर्जा निवेश कर पाते हैं.

साढ़े सात दशक तक के उनके गायकी के सफर ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को हर तरह का रंग और मधुरता दी है. लता दीदी आजीवन शादी नहीं की. आरंभ में पारिवारिक कारणों से और बाद में कुछ व्यक्तिगत कारणों से शायद उन्होंने विवाह करना उचित नहीं समझा. वह स्वर की साधना में ही इतने तल्लीन रहती थीं कि जीवन के दूसरे आयाम पर उन्हें बहुत सोचने समझने का मौका नहीं मिला. वह बच्चों से बहुत प्यार करती थी. जानकारी के अनुसार बनाने 30,000 से अधिक गाने गाए. 20 से अधिक भाषाओं में उन्होंने गाने का है.

उनके रोमांटिक गाने आज भी युवा दिलों की धड़कन हैं.'मेरे ख्वाबों में जो आए,आके मुझे छेड़ जाए....,'जिंदगी प्यार का गीत है उसे हर दिल को गाना पड़ेगा...., सजना है मुझे,सजना के लिए,आज फिर जीने की तमन्ना है, हम बने तुम बने एक दूजे के लिए, शायद मेरी शादी का ख्याल, सोलह बरस की बाली उमर को सलाम..' जैसे गीत अमर गीत हैं जो हमेशा सुने और सुनाए जाएंगे.

'ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी.... यह देश भक्ति गीत हर राष्ट्रीय पर्व के मौके पर बहुत ही पवित्रता और सम्मान के साथ गाया जाता है,बजाया जाता है. इस गीत को सुनकर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आंखें भी नम हो गई थी.

लता मंगेशकर जी ने अपने समकालीन सभी गायकों मुकेश, किशोर कुमार, महेंद्र कपूर, मन्ना डे, तलत महमूद, सुरेश वाडेकर,शब्बीर कुमार, मोहम्मद अजीज, उदित नारायण, कुमार सानू जैसे लगभग सभी गायकों के साथ गाने गाए.    भारत रत्न लता दीदी ने अपनी गायकी के सफर के दौरान फिल्मी दुनिया की तमाम अभिनेत्रियों के लिए गाने गाए मीना कुमारी से लेकर माधुरी दीक्षित, काजोल, जेबा बख्तियार जैसी तमाम अभिनेत्रियों के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह के गीत गाए.आज पहली पुण्यतिथि पर सभी को वह बहुत याद आ रही हैं. फिल्म इंडस्ट्री के तमाम लोगों ने इस मौके पर याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं. हम लोगों की ओर से भी उन्हें सुरमई स्वरांजलि प्रेषित है.अक्सर ऐसा लगता है कि वह कह रही हैं-रहे ना‌ रहे हम , महका करेंगे.....'

Tags:Lata Mangeshkarfirst death anniversary of lata mangeshkar

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.