सासाराम(SASARAM): बिहार के इतिहास में सम्राट अशोक की बराबरी कोई नहीं कर सकता है. फिर भी आज के समय में उनके द्वारा बनवाए गए शिलालेख पर कब्जा कर मजार बना दिया गया. सासाराम के चंदन पहाड़ी पर मौजूद सम्राट अशोक के शिलालेख पर मजार बनाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है. अब सम्राट अशोक को फिर से उनका हक वापस दिलाने के लिए बिहार की राजनीति के सम्राट (सम्राट चौधरी) धरने पर बैठ गए हैं. आज सासाराम में भाजपा कार्यकर्ताओं के संग सम्राट चौधरी धरने पर बैठे हैं. समाहरणालय के पास हो रहे धरना प्रदर्शन में विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी के साथ भाजपा सांसद सुशील सिंह भी मौजूद हैं. साथ ही भाजपा के कई कार्यकर्ता भी सम्राट चौधरी के साथ धरने पर बैठे हैं. इस दौरान भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में सम्राट अशोक से जुड़ा यह इकलौता लघु शिलालेख था, लेकिन उसे भी बिहार की सरकार संरक्षण नहीं दे सकी. जबकि उनके नेता सम्राट अशोक को लेकर कई बड़े बड़े कार्यक्रम करते रहते हैं. अशोक के शिलालेख पर कब्जा कर मजार बनना बताता है कि सरकार किस तरह से इतिहास के महत्वपूर्ण चीजों को खत्म करने पर लगी हुई है.
सासाराम: सम्राट अशोक के लिए लड़ाई लड़ रहे सम्राट चौधरी, मजार के खिलाफ बैठे धरने पर
Published at:01 Oct 2022 04:51 PM (IST)
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