टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भारत आज पूरे गौरव और उत्साह के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी. इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं. यह वर्ष खास इसलिए भी है क्योंकि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं.
हर साल 26 जनवरी को देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इसी दिन 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था और भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक राष्ट्र घोषित किया था. संविधान के लागू होने के साथ ही देशवासियों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक पहचान मिली.
क्या है ‘गणतंत्र’ का मतलब
सरल शब्दों में गणतंत्र का अर्थ है जनता का शासन, जनता के लिए और जनता के द्वारा. जब किसी देश में राजतंत्र समाप्त होता है और शासन की सर्वोच्च शक्ति जनता के हाथों में आती है, तब गणतंत्र की स्थापना होती है. राजतंत्र में राज्य राजा का माना जाता है, जबकि गणतंत्र में राज्य जनता का होता है. इस व्यवस्था में संविधान नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है और शासन की रूपरेखा तय करता है.
26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
भारत को स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को मिली थी, लेकिन तब देश का अपना संविधान लागू नहीं हुआ था. भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू किया गया. इसी दिन भारत आधिकारिक रूप से गणराज्य बना. इस ऐतिहासिक दिन की याद में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की शक्ति का प्रतीक है.
