टीएनपी डेस्क(TNP DESK):सनातन धर्म में सात दिनों का अलग-अलग महत्व होता है.सभी दिन को किसी ना किसी देवी देवता को समर्पित किया गया है.वही बात अगर गुरुवार की जाए तो गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है.खासतौर पर वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियों को दूर करने और पति-पत्नी के रिश्तों में प्रेम बढ़ाने के लिए गुरुवार का व्रत और पूजा बेहद शुभ मानी जाती है.
पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप
मान्यता है कि गुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए.इसके बाद पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। पूजा में पीले फूल, हल्दी, चने की दाल, केला और बेसन के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है. भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन पीली वस्तुओं का विशेष महत्व होता है.पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
केले के पेड़ की पूजा भी विशेष फलदायी
इसके अलावा गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा भी विशेष फलदायी मानी जाती है. केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है.इस दिन पेड़ पर जल चढ़ाकर घी का दीपक जलाने और परिक्रमा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को पीली वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है.चना दाल, हल्दी, पीले कपड़े और केला दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये उपाय दांपत्य जीवन में खुशहाली और मिठास लाने में सहायक माने जाते है.